
ब्यूरो- रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी के विस्तार को पार्टी हाईकमान ने झटका दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 31 अक्टूबर को प्रदेश प्रभारी द्वारा की गई नियुक्तियों को फिलहाल रोक दिया है।
12 में से केवल एक ही नियुक्ति को मान्य माना गया है। इसमें बोधराज भारद्वाज को सचिव के पद पर तैनाती दी गई है। इस दौरान महासचिव सहित सचिव नियुक्त किए गए थे।
कांग्रेस पार्टी में इन नियुक्तियों को लेकर काफी बवाल मचा हुआ था। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर ने सबसे पहले सिरमौर जिला से सचिव बनाई गई दयाल प्यारी की नियुक्ति का विरोध किया था। उनका आरोप था कि ब्लाक कांग्रेस कमेटी को विश्वास में लिए बगैर यह नियुक्ति की गई है।
उन्होंने इसको लेकर पार्टी कार्यालय में समर्थकों के साथ विरोध भी जताया था। इसके बाद वह दिल्ली गए थे। सूत्रों के मुताबिक बीते रोज उन्होंने दिल्ली में पार्टी के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की और इन नियुक्तियों के बारे में हाईकमान को अवगत करवाया।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से बुधवार देर शाम इस संबंध में एक ही नियुक्ति के आदेश जारी किए गए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के मुताबिक अभी एक ही नियुक्ति हुई है।
पार्टी हाईकमान के फैसले पर फिलहाल देश का कोई भी पदाधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। पीसीसी का कहना है कि हाईकमान से अभी एक ही नियुक्ति का पत्र प्राप्त हुआ है। अन्य नियुक्तियों पर क्या निर्णय लिया इस पर पत्र आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
