हिमखबर डेस्क
संदिग्ध सत्यनिष्ठा यानी आफिसर ऑन डाउटफुल इंटीग्रिटी वाले अधिकारियों की सूची को लेकर विधानसभा में एक बड़ी चूक हो गई थी। ये सरकार के ही विभागों से हुई है। ट्रेजरी अधिकारी युद्धवीर सिंह ठाकुर, जो ओएसडी के पद पर पुनर्नियुक्त हुए थे, का नाम गलती से इस सूची में डाल दिया। आज इस गलती में सुधार सरकार ने किया है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में रखी।
गौर हो कि 18 मार्च, 2026 को दिए गए स्थगित तारांकित प्रश्न संख्या 2319 के उत्तर में जो संदिग्ध सत्यनिष्ठा वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को सेवा विस्तार से संबंधित था। सरकार के ध्यान में आया है कि उस उत्तर में युद्धवीर सिंह ठाकुर, ओएसडी का नाम गलती से शामिल हो गया। यह गलती अन्य समान प्रश्नों के साथ उत्तर तैयार करते समय हुई है।
अभिलेखों की जांच के बाद यह सही स्थिति स्पष्ट हो गई है। सही जानकारी इस वक्तव्य के माध्यम से सदन के रिकॉर्ड में रखी गई। गलती से ओडीआई लिस्ट में शामिल किए गए अधिकारी का नाम अब रिकॉर्ड से हटा दिया गया है। युधवीर सिंह ठाकुर कोष विभाग में जॉइंट डायरेक्टर के पद से रिटायर्ड हुए हैं।

