वन सम्पदा को बचाने हेतु रेंज स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य कर रहे लोगो को किया सम्मानित

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जोगिंदर नगर – अंशुल दीक्षित

टिक्कन वन परिक्षेत्र के द्वारा एक जागरूकता व सम्मान समारोह का आयोजन “पुरानी सौह” नामक स्थान पर किया गया। जिसमें वन मण्डलाधिकारी जोगिंदर नगर व सहायक वन संरक्षक ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लोगों में वनों के प्रति जागरूकता लाना था। वनों को वन अग्नि से होने वाले नुकसान समझाना व उनसे बढ़ चढ़ कर अपने इस धरोहर को बचाने के लिए एकजुटता से आगे लाने के लिए प्रेरित करना था।

यह कार्यक्रम अपने आप में पहला ऐसा कार्यक्रम था जहां पहली बार रेंज स्तर पर विभिन्न-2 क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य कर रहे महिला मण्डल, युवक मण्डल, गांव कमेटी व व्यक्तिगत रूप से कार्य कर रहे लोगों को उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

पहले कभी रेंज स्तर पर इस तरह लोगों को समान्नित नहीं किया गया था। यह पहल इसलिए की गयी कि लोगों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन करने के लिए प्रशंसा मिले जिसे देख उनके आसपास के लोग जो किसी तरह वनों के रक्षण, संरक्षण व संवर्धन में आगे नहीं आते हैं, वे भी बढ़ चढ़ कर अपनी धरोहर बचाने के लिये आगे आएं।

कार्यक्रम में कई ऐसी महिला मण्डल व गांव कमेटी को सम्मानित किया गया जिन्होंने वनों में लगने वाली आग को बुझाने के लिए पूरे गांव को संगठित कर रात दिन मशक्कत की थी। जिन्होंने वनों के प्रबंधन जैसे कौन सा जंगल कितने वर्ष के लिए बालन व पत्तियां लाने के लिये प्रतिबंधित करना है और कब उसे सही समय पर खोलकर दूसरे जंगल को प्रतिबंधित करना है आदि प्रबंधन के कामों में अहम रोल निभाया है व वर्तमान में भी निभा रहे हैं।

इनमें गांव कमेटी बरधान, गांव कमेटी ग्रामन, महिला मंडल लचकण्डी, महिला मण्डल चेलिंग, महिला मंडल कढियान गांव सचान, रनगाण, चेलिंग, करशेहड़, मधुराण, लटराण, धरयान, युवक मण्डल खरयाण, युवक मण्डल बड़ी बजगान आदि शामिल रहे।

व्यक्तिगत रूप से जो वन अग्नि से वनों से बचाने में आगे रहे उनमें विजय कुमार (दग्वानधार), राम लाल (ब्रालँग), दशम राम (टिककर), बामन देव (झगड़कूट) सोहन लाल (आहलंग), सत्य प्रकाश (धमच्यान), राम लाल, धमच्यान, बबलू व विकी (धमच्यान) शामिल रहे।

चुहार घाटी के सुधार क्षेत्र से संबंध रखते राम लाल निवासी घघटियान को उनके द्वारा अपने ही घर पर तयार की जा रही अखरोट की नर्सरी और फिर उन्ही पेड़ों को अपनी धर्मपत्नी के साथ जंगलों में एक वन मित्र बनकर रोपने जैसे उत्तम कार्यों के लिए समान्नित किया गया। इनके द्वारा अब तक हजारों पौधे जंगलों व घटासनी-बरोट रोड के साथ-2 रोपे गए हैं।

कार्यक्रम में इसके अलावा विभाग के साथ जुड़कर कार्य कर रहे कुछ अन्य लोगों को भी समान्नित किया गया जो न केवल नर्सरी अपितु फील्ड में विभिन्न तरह की समस्याओं से लड़ने में वन रक्षकों के साथ अपना सर्वस्व बलिदान देते हैं। जिनमें गोविंद गांव धमच्यान, खिरामनी गांव लिखट व श्याम चंद गांव हुरंग शामिल रहे।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि के रूप में आये ACF JNR व DFO JNR ने अपने-2 विचारों से सभी जनता को जागरूक किया।

वन मण्डलाधिकारी ने राजस्थान के विश्नोई समुदाय व उत्तराखंड के चिपको आंदोलन की ओर ध्यान ले जाते हुए लोगों से जंगलों के रक्षण संरक्षण व संवर्धन के लिए सभी को एकजुट होकर चलने के लिए प्रेरित किया व अंत में इसी संकल्प के साथ सभी से विदा ली।

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