यहां हर रोज मौत से हाेती है जंग! क्या बड़े हादसे का हो रहा है इंतजार

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स्कूली बच्चों को पीठ पर बिठाकर पार करवाना पड़ रहा नाला, बन्नी माता नाले की समस्या आज भी बनी हुई जस की तस, हल्की-सी बारिश भी यहां के लोगों के लिए किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं।

चम्बा – भूषण गुरुंग

चम्बा जिला के भरमौर में स्थित बन्नी माता नाले की समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। हल्की-सी बारिश भी यहां के लोगों, विशेषकर स्कूली बच्चों के लिए किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं होती। यहां बन्नी और भदरा गांव से हर रोज दो दर्जन से अधिक बच्चे मांधा स्थित सरकारी सैकेंडरी स्कूल पढ़ाई के लिए जाते हैं, लेकिन रास्ते में बहने वाला बन्नी माता नाला उनकी सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

बारिश के बाद जब भी नाले का जलस्तर अचानक बढ़ता है, तो बच्चे उसे पार नहीं कर पाते। ऐसी स्थिति में स्थानीय लोग बच्चों को अपनी पीठ पर बिठाकर नाला पार करवाते हैं। यह नजारा किसी फिल्मी दृश्य जैसा भले ही लगे, लेकिन यह इन लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी की सच्चाई है।

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स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह नाला बरसात के मौसम में अचानक उफान पर आ जाता है और कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जब लोग व बच्चे हादसों का शिकार होते-होते बचे हैं। कुछ समय पहले एक स्कूली बच्ची तेज बहाव में बह गई थी। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों की तत्परता से उसे समय रहते बचा लिया गया, वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

यह कोई पहली बार नहीं है जब इस समस्या को लेकर आवाज उठाई गई हो। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और सरकार से मांग की कि यहां एक पुल का निर्माण करवाया जाए, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। नतीजा ये है कि आज भी यहां के लोग और विशेषकर स्कूली बच्चे जोखिम भरे हालातों में सफर करने को मजबूर हैं।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि देश व प्रदेश के काेने-काेने से श्रद्धालु माता बन्नी के दर्शन करने पहुंचते हैं, लेकिन कई बार जब नाले में अचानक पानी बढ़ जाता है, तो श्रद्धालु भी मंदिर नहीं पहुंच पाते और उन्हें वापस लौटना पड़ता है।

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स्थानीय लोग ने मांग की है कि इस इलाके की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां एक स्थायी पुल या कम से कम बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए एक अस्थायी पुल का निर्माण किया जाना चाहिए, क्योंकि हर रोज किसी न किसी के साथ हादसे का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने दो टूक कहा है कि जब तक यहां पुल नहीं बनेगा, तब तक स्कूली बच्चों से लेकर श्रद्धालु तक सभी को इस नाले से जान जोखिम में डालकर गुजरना होगा। सरकार और प्रशासन को अब इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और जल्द से जल्द इसका समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।

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