
बाथू की लड़ी और होली दा रंग कविताओं पर हुई खूब वाहवाह, राजकीय महाविद्यालय जवाली में हिंदी दिवस पर कवि गोष्ठी का आयोजन, कांगड़ा कला संगम के साहित्यकारों एवं कवियों ने बिखेरे हिंदी भाषा के रंग, भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला कांगड़ा के तत्वावधान करवाया गया कार्यक्रम
ज्वाली – अनिल छांगु
भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला कांगड़ा के तत्वावधान में राजकीय महाविद्यालय जवाली में हिंदी दिवस मनाया गया। मैं हिंद की हूं बेटी, हिंदी से मुझको नाज, कुछ इन्हीं शब्दों से हिदी दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए साहित्यकार प्रतिभा शर्मा ने कवि गोष्ठी कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए उपमंडलाधिकारी जवाली महेंद्र प्रताप सिंह ने उपस्थित साहित्यकारों को हिंदी दिवस की बधाई दी। इस मौके पर कांगड़ा कला संगम के साहित्यकारों ने अपने हिंदी व पहाड़ी कविताएं सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसमें कॉलेज की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कांगड़ा कला संगम के साहित्यकार एवं कवि पंकज दर्शी ने ‘तेरे पैरों को प्रिय‘ कविता सुनाकर खूब तालियां बटोरीं, वहीं उनकी गजल ‘मां‘ को गायक पवन सिंह ने गाकर सुनाया। साहित्यकार एवं कवि कपिल मेहरा ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव‘ पर अपनी रचना सुनाई।
वहीं, सलामूदीन ने देशभक्ति से ओतप्रोत कविता सुनाकर सभा में नई जान डाल दी। कार्यक्रम में कांगड़ा कला संगम के अध्यक्ष शंकर सन्याल ने भी कविता पेश की। साहित्यकार एवं कवि शिराज सन्याल ने ‘होली दा रंग‘ और बाथू की लड़ी पर कविता पाठ कर खूब तालियां बटोरीं। साहित्यकार एवं कवि सुरेश कौंडल ने अपनी कविता ‘उठो भारत के वीर सपूतो‘ पर देशभक्ति का जज्बा बयां किया।
रजनीश चंद, पूर्ण चंद, डॉ सरोज कुमारी, राम प्रसाद, किशोर धीमान, सुभाषना भारती, पवन सिंह, नवीन चंद्र की कविताओं ने लोगों का मन जीत लिया। उन्होंने सामाजिक परिवेश की कुरीतियों पर भी कविताओं के माध्यम से प्रहार किया। वहीं, मां और बेटी पर भी कविताएं सुनाकर अपने दर्द बयां किए।
इसके साथ ही राजकीय महाविद्यालय जवाली के विद्या़र्थी साहित्यकारों में तनिका, कशिश, अंशिका ठाकुर, मुस्कान, ज्योति जस्सल, रिया शर्मा और तरूना ने हरिवंशराय वच्चन, रामधारी सिंह दिनकर व अन्य महान कवियों की रचनाएं सुनाकर अपनी प्रस्तुति दी। मंच का संचालन प्रोफेसर सुलक्षण शर्मा और साहित्यकार प्रतिभा शर्मा ने किया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर अतिथियों को साहित्य सामग्री से सम्मानित किया गया। इस मौके पर जिला भाषा अधिकारी, अमित गुलेरी, राजकीय महाविद्यालय जवाली की प्राचार्य डॉ नीरू ठाकुर, गुरूदेव सिंह भारती, प्रोफेसर अश्विनी शर्मा, किशोर धीमान व अन्य लोग मौजूद रहे।
