
शिमला- जसपाल ठाकुर
राष्ट्रपति के सम्मान में दिए गए स्वागत भाषण में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री ने हिमाचल के मुद्दे भी राष्ट्रपति के सामने उठा दिए। राष्ट्रपति क्योंकि देश की सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर भी होते हैं, इसलिए नेता प्रतिपक्ष ने उनके सामने हिमालयन यानी हिमाचल रेजिमेंट की मांग उठा दी।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल वीर भूमि है। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल ने हिमालयन रेजिमेंट के गठन की मांग उठाई थी। नेता प्रतिपक्ष ने राष्ट्रपति से आग्रह किया किया कि वह सेना के सर्वोच्च कमांडर हैं, इसलिए हिमाचल की इस मांग पर गौर किया जाना चाहिए।
मुकेश अग्निहोत्री ने इसके अलावा हिमाचल में वन कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने की एवज में मदद दिए जाने का मामला भी उठाया। मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल के विकास की नींव रखने का श्रेय हिमाचल निर्माता डा. वाईएस परमार को दिया।
उन्होंने हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व के गौरव के लिए इंदिरा गांधी को स्मरण किया और कहा 1971 में रिज पर लगी हुई बर्फबारी के बीच इंदिरा गांधी ने हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस प्रदेश के विकास में अभूतपूर्ण योगदान दिया है।
राष्ट्रपति ने मांगी विपक्षी नेता के भाषण की कॉपी
नेता प्रतिपक्ष के संबोधन के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनसे इस भाषण की प्रति मांगी और कहा कि वह दिल्ली जाकर इसकी समीक्षा करेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का संबोधन होना एक परिपक्व लोकतांत्रिक संस्कृति का अनुकरणीय उदाहरण है।
