
मंडी – अजय सूर्या
मिड डे मील वर्कर यूनियन नेरवा ब्लाक बैठक कालेज ग्राउंड नेरवा में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान लबली चौहान की अध्यक्षता मे हुई।
ब्लाक अध्यक्ष वसचिव प्रोमिला ने कहा कि एक तो वर्करों को पुरे प्रदेश व देशमें सबसे कम वेतन दिया जाता है मात्र 3500रू वह भी 2-3महिनें से भुगतान किया जाता है ज्ञजोकि बड़े ही शर्म की बात है, अतः यूनियन मांग करती है कि प्रति माह वेतन भुगतान किया जाए।
दुसरा यूनियन मांग करती है कि इस मंहगाई के दौर मे कम से कम मनरेगा कि दिहाड़ी मिड डे मील वर्करों को लागू की जाए।नेरवा ब्लाक मे वर्करों को वेतन केंद्र स्तर पर अलग अलग तरह से वर्करों को दिया गया जिसका यूनियन कड़े शब्दों मे विरोध करती है वहां में बी ई ई ओ नेरवा को चेतावनी भी देना चाहती है कि इस तरह का व्यवहार कतई भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा यदि आगे से इस तरह काबर्ताव देखने को मिला तो ब्लाक अधिकारी की घेराबंदी की जाएगी।
मिड डे मील वर्करों को सरकार द्वारा छुट्टीयों का प्रावधान नहीं किया गया है हम पूछना चाहते हैं कि क्या वर्करों को छुट्टीयों की जरूरत नहीं पड़ती,क्या हमारे घरों मे शादी गमी रविवार को ही होती है हम सरकार से इसका जबाव चाहते हैं वमांग करतें हैं कि हमें भी छुट्टीयों का प्रावधान होना चाहिए।
इसके साथ ही साथ जहां र बच्चों की संख्या कम हो जाती है वहां पर वर्करों की छंटनी नकी जाए बल्कि प्रत्येक पाठशाला में दो वर्करों की नियुक्ति रहनी चाहिए और जहां र पाठशाला बंद हो जाए वहां अन्य स्टाफ की भांति वर्करों को भी दुसरी जगह पर नियुक्ति मिलनी चाहिए।
45वेंश्रम सम्मेलन जो कि 2013 मेंदिल्ली में हुआ था सरकार ने माना था कि वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाना चाहिए अभी तक इस बात पर गौर नहीं किया गया। यूनियन मांग करती है कि मिड डे मील वर्करों को नियमित किया जाए क्योंकि 19वर्षो से वह अपनी सेवाएं दे रहे हैं,व पिछले 14वर्षों से केंद्र सरकार द्वारा वर्करों का एक भी रूप नहीं बढ़ाया गया वर्करों के वेतन को मंहगाई के आंकड़ों से जोड़ा जाए।
वो 10 महिने के बजाय 12महिने का वेतन उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए दिशा निर्देश के अनुसार जारी किया जाए। यदि समय रहते मांगों को नहीं माना गया तो 6जनवरी 2023को पुरे प्रदेश मे की जाएगी सरकार की घेराबंदी। जिसके लिए सरकार व विभाग स्वयं होगा जिम्मेदार।
