
हमीरपुर- व्यूरो- रिपोर्ट
सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनते जा रहे बेकार प्लास्टिक का इस तरह से भी सदुपयोग हो सकता है, किसी को पता नहीं था। ग्राम पंचायत टीहरा के पूर्व प्रधान मदन लाल ने बेकार पड़ी प्लास्टिक की बोतलों से डंगे का निर्माण कर सभी को हैरत में डाल दिया है। डंगा इतना मजबूत की इसके ऊपर से चाहे जितने लोग गुजर जाएं, लेकिन इसे फर्क नहीं पड़ता। डंगा निर्माण में न तो रेत-बजरी लगी और न ही सीमेंट। महज मिट्टी व खाली प्लास्टिक की बोतलों से ही मजबूत डंगे का निर्माण किया है। आज इस डंगे को देखकर हर कोई पूर्व प्रधान मदन लाल के कार्य की सराहना कर रहा है।
यह वही प्रधान हैं, जो अपने कार्यकाल में केंद्र सरकार की तरफ से नि:शुल्क चाइना भ्रमण कर चुके हैं। यंग प्रधान होने के नाते एक योजना के तहत पूरे प्रदेश से सिर्फ इन्हीं का चयन चाइना भ्रमण के लिए हुआ था। अब इनके दिमाग की क्रिएटिव सोच ने बेकार प्लास्टिक बोतलों का सदुपयोग करना सिखा दिया है। प्लास्टिक की खाली बोतलें अकसर बाजार व अन्य जगहों पर पड़ी हुई देखी जा सकती हंै। वर्तमान में सरकारें सिंगल यूज प्लास्टिक को बंद करने का प्रयास कर रही हैं। इसके लिए सरकार ने 2022 देश को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। (एचडीएम)
बोतलों से निर्मित डंगा बना आकर्षण का केंद्र
पहले बोतलों में मिट्टी भरी गई। मिट्टी भी इस तरह से भरी गई कि बोतलें के बीच कहीं खाली जगह न बचे। इसके बाद इन बोतलों को मिट्टी के माध्यम से डंगा निर्माण में लगाया गया है। यह डंगा वर्ष 2020 में लगाया है, जो कि आज भी उतनी ही मजबूरी के साथ खड़ा है। प्लास्टिक की बोतलों से निर्मित यह डंगा लोगों के आकर्षण का भी केंद्र है, क्योकि इसमें प्लास्टिक की रंग-बिरंगी बोतलें लगी हुई हैंं।
बेकार पड़ी बोतलों को किया इकट्ठा
पूर्व प्रधान ग्राम पंचायत टिहरा मदन लाल ने बताया कि कोरोना काल में बेकार पड़ी प्लास्टिक बोतलों को राजा के महलों तथा अपनी दुकान व आस-पास से एकत्रित किया गया। मन में इन बोतलों के माध्यम से डंगा लगाने का विचार आया। बोतलों में मिट्टी डालकर पहले इन्हें मजबूती प्रदान की गई तथा बाद में डंगा लगाने में इस्तेमाल किया गया। वहीं बेकार पड़ी बोतलें भी काम आ गई हैं।
