हिमखबर डेस्क
बॉलीवुड की मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। आशा भोसले ने 92 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। आशा भोसले को 11 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
सिंगर की पोती ने बताया था कि चेस्ट इंफेक्शन और थकान के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी थी। इस बीच अब खबर आई है कि आशा भोसले का निधन हो गया है।
इससे पहले पीएम मोदी ने आशा भोसले की सेहत को लेकर चिंता जताई थी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “यह जानकर मुझे बहुत चिंता हुई कि आशा भोसले जी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करता हूं।”

आशा भोसले की सेहत की बात करें तो उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं आशा भोसले के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी उनकी पोती जनाई भोसले ने इंस्टाग्राम पर दी थी।
उन्होंने पोस्ट में लिखा, “मेरी दादी आशा भोसले बहुत ज्यादा थकान और छाती के इन्फेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं। उनका इलाज चल रहा है और उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा. हम आपको जल्द ही अच्छी खबर देंगे।”
आशा भोसले का नाम भारतीय संगीत इतिहास में बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने अपने करियर में आठ दशकों से भी ज्यादा समय तक संगीत जगत में योगदान दिया है। उन्होंने अपने करियर में तकरीबन 12 हजार से ज्यादा गाना गाए हैं।
जिनमें ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दम मारो दम’, ‘ये मेरा दिल’, ‘चुरा लिया है तुमने’, ‘इन आंखों की मस्ती के’, ‘दिल चीज क्या है’ जैसे सुपरहिट गाने शामिल हैं। उन्होंने गजल, भजन, पॉप और क्लासिकल हर शैली में अपनी आवाज का जादू बिखेरा।
उन्होंने ओ.पी. नैयर, आर.डी. बर्मन और ए.आर. रहमान के साथ मिलकर कई यादगार गीत दिए। उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार, फिल्मफेयर अवॉर्ड, दादासाहेब फाल्के सम्मान और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।
उनकी गिनती दुनिया के सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाले कलाकारों में भी की जाती है। आशा भोसले का सात दशकों तक शानदार करियर रहा है और उन्हें भारतीय सिनेमा की सबसे बहुमुखी और विपुल आवाजों में से एक माना जाता है।
उन्होंने शास्त्रीय संगीत से लेकर समकालीन फिल्म संगीत तक, कई भाषाओं में हजारों गाने रिकॉर्ड किए हैं और वैश्विक स्तर पर उनके प्रशंसकों की एक बड़ी संख्या आज भी उन्हें पसंद करती है।
संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें देश के कुछ सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया है, जिनमें पद्म विभूषण और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार शामिल हैं।

