मनरेगा कार्य में अनियमितताएं पाए जाने पर कुठेड़ पंचायत प्रधान, उपप्रधान, तकनीकी सहायक व ग्राम रोजगार सेवक को पड़ी रिकवरी, जाहिर अब्बास खान की शिकायत पर लोकपाल ने सुनाया फैसला ।

ज्वाली – व्युरो

विधानसभा क्षेत्र ज्वाली के अंतर्गत विकासखंड नगरोटा सूरियां की पंचायत कुठेड़ एक बार फिर सुर्खियों में आई है। ग्राम पंचायत के प्रधान, उपप्रधान, तकनीकी सहायक व ग्राम रोजगार सेवक को मनरेगा कार्य में कोताही बरतने पर 1,18,350 रुपए की रिकवरी पड़ी है।

शिकायतकर्ता जाहिर अब्बास खान निवासी कुठेड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि कुठेड़ पंचायत के प्रतिनिधियों और कर्मचारियों द्वारा मनरेगा के तहत जंगलात भूमि पर वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए बिना ही अन्य जगह का पर्चा व जमाबंदी दर्शाकर फर्जी तरीके से रास्ते का निर्माण कर दिया।

शिकायतकर्ता जनहिर अब्बास खान ने जुलाई 2022 को लोकपाल अदालत धर्मशाला में इस मामले को उठाया जिस पर लोकपाल अदालत ने जांच-पड़ताल की और अनियमितताएं पाई गई ।

आखिरकार 16 मई 2023 को लोकपाल अदालत ने अपना फैसला सुना ही दिया जिसमें पंचायत प्रधान सुशील कुमार, उपप्रधान बीना देवी, तकनीकी सहायक ओम प्रकाश व संजीव कुमार, ग्राम रोजगार सेवक प्यार चंद को कुल 1,18,350 (एक लाख अठारह हजार तीन सौ पच्चास रुपए) बतौर रिकवरी डाली गई जो प्रति व्यक्ति के हिस्से में 19,725 रुपए बनती है।

शिकायतकर्ता जाहिर अब्बास खान ने जिलाधीश कांगड़ा डॉ निपुण जिंदल से गुहार लगाई है कि ऐसे पंचायत के प्रतिनिधियों और कर्मचारियों को बर्खास्त किया जाए।


