
चम्बा – भूषण गूरूंग
मणिमहेश यात्रा पर आए एक साधु की बीमारी के चलते मौत हो गई। तीन दिन तक साधु के शव को शिनाख्त के लिए सुरक्षित रखने के बाद भी शिनाख्त न होने पर पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाकर प्रशासन की अनुमति से शव का अंतिम संस्कार करवा दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मणिमहेश यात्रा पर आए 19 से 20 वर्ष की आयु के एक साधु ने बीते शनिवार रात को बनीखेत में एक होटल संचालक से रात बिताने के लिए शरण ली थी।
उक्त साधु होटल के शौचालय में गया था और वहीं अचेत हो गया। होटल संचालक को पता चलने पर उसने फौरन 108 एंबुलेंस को संपर्क किया।
रविवार सुबह साधु को 108 एंबुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाथरी पहुंचाया गया था।
यहां उपचार किए जाने के बाद साधु की हालत में कुछ सुधार होने पर उसने अपना नाम शिवाय बताया था जबकि अपने स्थायी पते के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सका था।
साधु को दौरे पड़ रहे थे और वह बार-बार अचेत हो जा रहा था, जिसके चलते उसे अस्पताल में ही रखकर उपचार किया जा रहा था मगर रविवार देर रात को साधु ने दम तोड़ दिया था।
पुलिस ने शिनाख्त के लिए साधु के शव को तीन दिनों तक नागरिक अस्पताल डलहौजी के शवगृह में सुरक्षित रखा मगर इस बीच कोई भी व्यक्ति शव की शिनाख्त के लिए नहीं पहुंचा।
जिसके बाद एसडीएम डलहौजी से अनुमति लेने के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया है और नगर परिषद् डलहौजी के माध्यम से अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पोस्टमार्टम में पता चला है कि दौरे पडऩे के चलते हृदयगति रुकने से ही साधु की मौत हुई थी। डीएसपी डलहौजी संजीव भाटिया ने मामले की पुष्टि की है।
