हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। कॉलेज की द्वितीय वर्ष की छात्रा सिया गुलेरिया की एक युवक ने तेजधार हथियार से हमला कर हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।
कैसे हुई यह घटना?
सिया गुलेरिया रोज की तरह अपने घर से कॉलेज के लिए निकली थी। वह बस स्टॉप की ओर जा रही थी, तभी रास्ते में रिशु नाम के एक युवक ने उस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि रिशु नशे का आदी है। उसने तेजधार हथियार से वार कर सिया को मौत के घाट उतार दिया और मौके से फरार हो गया।
सपनों से भरा था सिया का जीवन
सिया केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि अन्य गतिविधियों में भी बहुत आगे थी। वह बीवाक (B.Voc) सेकंड ईयर की छात्रा थी और कॉलेज के प्रवक्ताओं की पसंदीदा थी। सिया छात्र संगठन SFI की इकाई उपाध्यक्ष थी और सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी। अपनी सहेलियों के बीच वह हमेशा खुशमिजाज रहती थी और घर के कामों में भी अपनी माँ का हाथ बटाती थी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सिया के पिता, जोगिंद्र कुमार, बद्दी में ट्रक चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उनकी बड़ी बहन भी पिता के साथ बद्दी में नौकरी करती है, जबकि छोटी बहन ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा दी है। सिया अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही थी, लेकिन एक सिरफिरे युवक की हरकत ने एक हँसता-खेलता परिवार तबाह कर दिया।
नशे का बढ़ता प्रकोप
इस घटना ने एक बार फिर देवभूमि में बढ़ते नशे के चलन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी गुस्सा है कि कैसे एक नशेड़ी युवक ने सरेआम एक छात्रा की जान ले ली। प्रशासन से मांग की जा रही है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लग सके।

गोपालपुर हत्याकांड पर भड़की वंदना गुलेरिया
सरकाघाट उपमंडल के गोपालपुर में 19 वर्षीय युवती की निर्मम हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना को लेकर पूर्व जिला परिषद सदस्य वंदना गुलेरिया ने पत्रकार वार्ता में प्रदेश सरकार, प्रशासन और कानून व्यवस्था पर तीखा हमला बोला।
वंदना गुलेरिया ने कहा कि जिस हिमाचल को देवभूमि कहा जाता है, आज उस शब्द को बोलने में भी जुबान लड़खड़ा रही है। उन्होंने कहा कि एक मासूम बेटी का गला रेतकर की गई हत्या सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम, पुलिस और सत्ता के मुंह पर करारा तमाचा है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, हमारी बेटियों की जान इतनी सस्ती कब से हो गई कि कोई भी दरिंदा खुलेआम आकर एक जिंदगी को बेरहमी से खत्म कर दे? कानून का खौफ आखिर कहां है और बेटियों को सुरक्षित माहौल देने के वादे कहां गए? गुलेरिया ने समाज के नाम सख्त संदेश देते हुए कहा कि जो लोग इंसान की शक्ल में भेड़िए बनकर घूम रहे हैं, यह उनकी मर्दानगी नहीं बल्कि कायरता है। अब बहुत हो चुका है। हम केवल गिरफ्तारी से संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि ऐसी सजा की मांग करते हैं जो पूरे प्रदेश में नजीर बने।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी ऐसी घटना को अंजाम देने से पहले हजार बार सोचे। हमें इंसाफ चाहिए और वह भी तुरंत। यदि कानून बेटियों को सुरक्षा देने में असमर्थ है, तो उसे अपनी विफलता स्वीकार करनी चाहिए। वंदना गुलेरिया ने यह भी कहा कि प्रशासन को यह स्पष्ट करना होगा कि सुरक्षा में चूक कहां हुई।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आज इस बेटी के साथ यह हुआ है, कल किसी और की बारी हो सकती है। अगर आज भी हम खामोश रहे, तो हम भी इस अपराध के बराबर के जिम्मेदार होंगे। अंत में उन्होंने प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को ऐसी सजा दी जाए, जिससे भविष्य में देवभूमि में किसी भी बेटी के साथ इस तरह की घटना दोबारा न हो सके।
19 वर्षीय बालिका हल्याकांड मामले में महिला आयोग ने की सख्त कार्रवाई की मांग
मंडी के सरकाघाट में एक 19 वर्षीय बालिका की तेज धार हथियार से गला काट कर निर्मम हत्या करने के मामले में महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। इस मामले को महिला आयोग की अध्यक्षा विद्या नेगी ने घटना की कड़ी निंदा की और गहरा दुख जताया। मामले को लेकर उन्होंने कहा कि यह एक शर्मनाक घटना है और हमारी बेटियां कितनी सुरक्षित हैं इसपर बड़ा सवाल उठता है।
उन्होंने कहा कि मामले की सूचना मिलते ही राज्य महिलाओं आयोग ने इस पर संज्ञान लिया है और इस मामले में एसपी मंडी से कड़ी कार्यवाही की मांग की है। साथ ही कहा है कि आरोपी को सख्त सजा (फांसी) मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर महिला आयोग ने एसपी मंडी से रिपोर्ट भी मांगी है। अध्यक्षा ने कहा इस के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए हम सब को मिल कर काम करना होगा ताकि महिलाएं और बेटियां सुरक्षित हों और दोबारा कोई इस तरह के अपराधों को अंजाम न दे सके।

