भूस्खलन से हुए बेघर बुआड़ी के बाशिंदे अब फसल उजड़ने से रोजी रोटी के लिए दर दर भटकने को मजबूर

--Advertisement--

ज्वाली – अनिल छांगु

ज्वाली विधानसभा के अधीनस्थ पड़ती पंचायत धेवा का गांव बुआड़ी जोकि हाल ही में आई भंयकर त्रासदी से बेघर और भूमिहीन होने उपरांत अब खेती हीन भी हो चुका है।

सभी प्रभावित परिवारों ने त्रासदी से क्षतिग्रस्त घरों एवं ज़मीन को छोड़कर रिश्तेदारों के घरों में अस्थाई तौर पर पनाह ले रखी है लेकिन इन पीड़ितों द्वारा बीजी गई फसल बिना रखवाली के कारण जंगली जानवरों ने उजाड़ दी है।

जिससे अब बुआड़ी गांव के बाड़ पीड़ितों को दो वक्त की रोजी-रोटी की चिंता भी दिन रात सताने लगी है। त्रासदी पीड़ित ध्यान सिंह, रुमेल सिंह, चैन सिंह, करनैल सिंह, सुरजीत सिंह, जगदीश, मलकीत, सुभाष आदि ने कहा कि त्रासदी उपरांत हमें प्रशासन की ओर से केवल नाम मात्र दस दस हजार प्रति परिवार सहायता राशि दी गई जोकि बहुत ही कम है।

अतः घरों से बेघर होने से हम दर-दर भटकने को मजबूर हो चुके हैं। इसलिए हम समस्त आपदा पीड़ित प्रशासन एवं माननीय कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार से अनुरोध करते कि हमें अधिक से अधिक सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए ताकि हम पुनः स्थापित होने तक अपने परिवारों की रोजी-रोटी सहित अन्य रोजमर्रा जरुरतें पूरी कर सके।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

हिमाचल में ”गैस” संकट: कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद, केंद्र सरकार का बड़ा फरमान

हिमख़बर डेस्क हिमाचल प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (BBN)...

UPSC AIR-79: एक हिमाचल के DC की पत्नी, दूसरी उत्तर प्रदेश में सरकारी SDM के ड्राइवर की बेटी

हिमखबर डेस्क  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा...

तिरंगे में लिपटे पिता को देख जो सजाया था सपना.. आज बेटी ने किया पूरा, अब बनीं लेफ्टिनेंट

पालमपुर - बर्फू  हिमाचल प्रदेश की मिट्टी में 'वीरता' का...