
चम्बा, भूषण गुरूंग
होली जनजातीय क्षेत्र भरमौर के होली के अंतर्गत आने वाले न्याग्रां-बंजोल-बड़ा भंगाल सड़क मार्ग के निर्माण में जुटी जनजातीय क्षेत्र भरमौर के होली के अंतर्गत आने वाले न्याग्रां-बंजोल-बड़ा भंगाल सड़क मार्ग के निर्माण में जुटी पोकलेन मशीन भूस्खलन की जद में आने से निर्माणाधीन सड़क मार्ग से नीचे लुढ़क गई और देखते ही देखते यह मशीन करीब दो सौ फीट नीचे रावी नदी में समा गई।
बरसात का मौसम होने के चलते रावी में जलस्तर ज्यादा होने से पोकलेन मशीन का कुछ पता नहीं चल पाया है। होली के न्याग्रां-बजोल सड़क मार्ग का निर्माण कार्य को एक निजी ठेकेदार की ओर से किया जा रहा है। पिछले दो दिन से चंबा सहित जनजातीय क्षेत्र भरमौर में हो रही बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी काफी बढ़ गया है।
जगह-जगह पहाड़ दरकने के साथ भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। होली घाटी के बंजोल सड़क निर्माण कार्य में जुटी यह मशीन दोनों ओर से भूस्खलन होने से बीच में ही फंस गई थी, जबकि मशीन आपरेटर ने खतरे को भांपते हुए मशीन को वहीं पर छोड़ कर खुद सुरक्षित स्थान के लिए निकल गया। ऐसे में पूरी पहाड़ी दरक गई और मशीन रावी नदी में समा गई।
गनीमत यह रही कि मशीन आपरेटर समय रहते मशीन को छोड़ कर सुरक्षित स्थान पर आ गया था, साथ ही इस दौरान कोई भी व्यक्ति वहां पर मौजूद नहीं था अन्यथा हादसा बढ़ा हो सकता था।
उधर, लोक निर्माण विभाग भरमौर के अधिशाषी अभियंता संजीव महाजन का कहना है कि होली के बंजोल सड़क मार्ग पर भूस्खलन की चपेट में आने से पोकलेन मशीन रावी नदी में समा गई है, लेकिन घटना में किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ है।
बरसात के मौसम में हमेशा खतरा बना रहता है। इसलिए कार्य में जुटे आपरेटरों सहित कर्मचारियों को एहतियात बरतने की सलाह दी जाती है।
