
काँगड़ा- राजीव जस्वाल
नगर परिषद मैदान में भूकंप आपदा से निपटने के लिए प्रशासन और एनडीआरएफ टीम की तरफ से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान हूटर और सायरन की आवाज से कुछ देर के लिए लोग भी अंचभित हो गए। मॉक ड्रिल के दौरान मैदान में भूकंप आपदा के खतरे से निपटने के लिए कंट्रोल और प्लानिंग रूम स्थापित किया गया। इस कंट्रोल और प्लानिंग रूम की कमांडिंग एसडीएम कांगड़ा अभिषेक वर्मा की ओर से की गई।
मॉक ड्रिल के प्रथम चरण में कांगड़ा किला में भूकंप के दौरान पीड़ित को सहायता देने के लिए प्रशासन और स्थानीय लोगों ने प्रयास किया। इस दौरान तहसीलदार कांगड़ा ने टास्क स्थल पर इंसीडेंट कमांडर के रूप में अपनी टीम के साथ कार्य किया। जहां स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की ओर से मौके पर प्रारंभिक चिकित्सा देने का कार्य किया गया।
मॉक ड्रिल के दूसरे चरण में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। एनडीआरएफ टीम ने घटनास्थल पर पहुंचने के उपरांत सर्वप्रथम घटनास्थल को अपने कब्जे में ले लिया। उसके उपरांत एनडीआरएफ की टीम ने विशेष उपकरणों का प्रयोग कर प्रभावितों का पता लगाया। इस दौरान एनडीआरएफ की टीम ने जानकारी दी कि आपदा की स्थिति में कैसे घायल को बाहर निकाल उपचार के लिए भेजा जाता है।
इस मौके पर डीएसपी कांगड़ा सुनील राणा, बीएमओ कांगड़ा संजय भारद्वाज, तहसीलदार कांगड़ा प्रदीप कुमार, एसएचओ कांगड़ा भरत भूषण फायर ब्रिगेड की टीम, नेशनल एंबुलेंस सर्विस के जिला प्रभारी विकास मौजूद रहे।
