
हिमखबर – डेस्क
ज्वाली भाजपा द्वारा ज्वाली में दोपहिया वाहनों पर निकाली गई तिरंगा यात्रा में वाहन चालकों द्वारा सरेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं।
वाहन चालकों द्वारा न तो हेलमेट लगाया गया था और न ही कोरोना गाइडलाइन का पालन किया गया था। किसी ने भी मास्क नहीं पहना था और सामाजिक दूरी का भी पालन नहीं किया गया।
दोपहिया वाहनों पर दो-दो सवार थे तथा अधिकतर सवार मोटरसाइकिल के पीछे खड़े होकर नारे लगा रहे थे जिस कारण कभी भी कोई हादसा हो सकता था। वाहन चालकों द्वारा सारी सड़क पर कब्जा कर रखा था जिस कारण आगे से आने वाले वाहन चालकों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ी।
सरेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ती रहीं लेकिन पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बनकर तमाशा देखता रहा। किसी भी पुलिस अधिकारी ने यातायात नियमों की अवहेलना करने पर कोई चालान नहीं काटने की हिम्मत नहीं की।
बुद्धिजीवियों ने कहा कि हाथों में तिरंगा लेकर नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं जिससे भारत की शान तिरंगा का भी अपमान हुआ।
बुद्धिजीवियों ने कहा कि ऐसे तो पुलिस हेलमेट न पहनने व मास्क न लगाने वालों के चालान काटती है लेकिन आखिरकार तिरंगा यात्रा में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने पर पुलिस ने चालान क्यों नहीं काटे। पुलिस प्रशासन सरकार के नुमाइंदो के आगे बेबस दिखे।
