
व्यूरो रिपोर्ट
हेलिकॉप्टर क्रैश में CDS बिपिन रावत का निधन हो गया है। इस बात की जानकारी भारतीय वायु सेना की ओर से दी गई है। बता दें कि जनरल रावत पहली जनवरी 2020 को देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किए गए थे, इस बीच वायु सेना ने जानकारी दी है कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच का आदेश दिया गया है। जो हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ है, उसमें 14 लोग सवार थे। सीडीएस रावत की पत्नी मधुलिका रावत भी हेलिकॉप्टर में सवार थीं। घटना पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत तमाम नेताओं ने भी दुःख जताया है।
Mi-17V5 हेलीकॉप्टर में CDS रावत वेलिंगटन में डिफेंस स्टाफ कॉलेज जा रहे थे लेकिन कुन्नूर में घने जंगल में हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसा इतना भयानक था कि चारों तरफ सिर्फ आग ही आग की लपटें नजर आ रही हैं। वायुसेना ने कहा कि हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों के शव 80 प्रतिशत तक जल चुके हैं। शवों को पहचान की जांच जारी है।
हेलिकॉप्टर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी, रक्षा सहायक, सुरक्षा कमांडो और वायुसेना के पायलट समेत कुल 14 लोग सवार थे। इससे पहले दुर्घटना में तीन यात्रियों के घायल होने की भी सूचना मिली थी जिन्हें लगिरी जिले के वेलिंगटन छावनी में ले जाया गया था।
हेलिकॉप्टर क्रैश पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संसद में बयान देंगे और इसके बाद वे घटनास्थल के लिए रवाना होंगे। वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी घटनास्थल पर पहुंचेंगे। 12 सदस्यीय टीम के साथ कम से कम छह एम्बुलेंस टीमों को दुर्घटनास्थल पर मौजूद हैं। सूत्रों के मुताबिक अस्पताल भेजे गए मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर बनी हुई है।
हेलीकाप्टर क्रैश की घटना में 13 लोगों की मौत हो गई है। इस हेलीकॉप्टर में सवार ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह जीवित बच गए हैं। घायल ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का इलाज जारी है। दुर्घटनाग्रस्त हुए सैन्य हेलीकाप्टर एमआई-17 वी5 के पायलट विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान थे। वो 109 हेलीकाप्टर यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर हैं।
भारतीय वायू सेना ने ट्वीट किया है कि ‘गहरे अफसोस के साथ यह पता चला है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में जनरल बिपिन रावत, श्रीमती मधुलिका रावत और उसमें सवार 11 अन्य लोगों की मौत हो गई है।’
सीडीएस जनरल बिपिन रावत की मौत के बाद केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुख जताया है। उन्होंने कहा है कि जनरल रावत ने साहस के साथ देश की सेवा की। उनका निधन सशक्त सेना और देश के लिए बड़ा नुकसान है।
