ब्लॉक् कांग्रेस कमेटी ने महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री की जयंती के अबसर पर श्रधांजलि दे कर किया याद

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रैत- नितिश पठानियां

ब्लॉक् कांग्रेस कमेटी शाहपुर के ओबीसी ब्लॉक् कांग्रेस सेल,एस०टी० ब्लॉक् कांग्रेस सेल,एस०सी० कांग्रेस सेल ,भूतपूर्व सैनिक ब्लॉक् कांग्रेस सेल,ने रेत कांग्रेस कार्यलय में महात्मा गांधी की 152वी जयंती के साथ लाल बहादुर शास्त्री की जयंती का आयोजित कार्यक्रम किया।

जिसमें स्थानीय कांग्रेस नेता प्रदेश कांग्रेस महासचिव केवल सिंह पठानिया मुख्य रूप से उपस्थित रहे।केवल सिंह पठानिया सहित जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष,ओबीसी अध्यक्ष, एस०टी० कांग्रेस सेल अध्यक्ष, एस०सी०कांग्रेस अध्यक्ष,भूतपूर्व सैनिक ब्लॉक् कांग्रेस सेल अध्यक्ष, युवा कांग्रेस,ओर अन्य अग्रणी संगठनों के पदाधिकारियों ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन फूल अर्पित करके श्रधांजलि दी।

इस अबसर पर स्थानीय कांग्रेस नेता प्रदेश कांग्रेस महासचिव केवल पठानिया ने कहा कि महात्मा गांधी की जयंती के साथ आजलाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म भी 2 अक्टूबर, 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। लाल बहादुर शास्त्री देश के दूसरे प्रधानमंत्री थे। 2 अक्टूबर के दिन स्कूल, कॉलेजों में वाद-विवाद और भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन होता है।

पठानिया ने कहा कि महात्‍मा गांधी महज एक नाम नहीं, बल्कि एक विचार हैं, एक सोच हैं। एक ऐसी सोच, जो न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में आज भी प्रासंगिक बनी हुई है और करोड़ों लोगों को प्रेरित करती है। अहिंसा महात्‍मा गांधी के दर्शन का मूल मंत्र रहा, जिसके बारे में उन्‍होंने कहा था, ‘अहिंसा एक दर्शन है, एक सिद्धांत है और एक अनुभव है, जिसके आधार पर समाज को बेहतर बनाया जा सकता है।’

कांग्रेस पार्टी इन्ही पदचिन्हों पर चल कर भारत को आगे बढ़ाने का का। करती है।लेकिन आज कुछ सम्प्रदायिक ताकते भारत को जोड़ने के बजाए तोड़ने पर तुली हुई है। लेकिन कांग्रेस पार्टी महात्मा गांधी की विचारधारा को लेकर इन सम्प्रदायिक ताकतों के मंसूबों को पूरा नही होने देगी।गांधी के विचारों के सपनो के भारत को बचा कर रखा जाएगा।ओर आगे बढ़ाया जायेगा।

महात्‍मा गांधी किसी भी लक्ष्‍य तक पहुंचने के लिए सिर्फ कड़ी मेहनत में यकीन रखते थे। उनके लिए सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं था। वह कहा करते थे, ‘कुछ लोग सफलता के केवल सपने देखते हैं जबकि अन्य व्यक्ति जागते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं।’

वह भविष्‍य की चिंताओं में डूबे रहने वालों को भी आगाह करते थे और कहते थे, ‘भविष्य में क्या होगा, मैं यह नहीं सोचना चाहता। मुझे वर्तमान की चिंता है। ईश्वर ने मुझे आने वाले क्षणों पर कोई नियंत्रण नहीं दिया है।

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