
दिल्ली- नवीन गुलेरिया
तपोवन स्थित हिमाचल विधानसभा भवन परिसर के बाहर खालिस्तान के झंडे लगाने वाला एक आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया है। सीएम जयराम ठाकुर ने खुद दिल्ली में इस बात की पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि ऐसा करने वाले दो लोगों में से एक को कुछ घंटे पहले ही गिरफ्तार किया गया है। एसएफजे द्वारा एक कथित ‘खुली धमकी’ पत्र को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मैं ऐसी बातों पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करूंगा।
जहां तक गुरपतवंत सिंह पन्नू का संबंध है, मैं उन्हें बहुत गंभीरता से नहीं लेता, हालांकि कुछ घटनाएं हो रही हैं जो चिंता का विषय हैं।
विधानसभा भवन पर खालिस्तान के झंडे और वॉल राइटिंग के मामले में पुलिस की एसआईटी को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मोबाइल कॉल डाटा रिकार्ड के आधार पर पंजाब के मोरिंडा से इस केस में पहली गिरफ्तारी हुई है।
मोरिंडा में पकड़ा गया व्यक्ति खालीस्तान का झंडा लगाने के लिए पंजाब से हिमाचल आया था और धर्मशाला के नजदीक एक होम स्टे में रात को रुके थे। उसके बाद यह होम स्टे से स्कूटर पर विधानसभा भवन तक गए और रात को झंडे और वॉल राइटिंग करने के बाद उन्होंने वीडियो भी बनाया। कॉल डाटा रिकार्ड के आधार पर पुलिस ने मोरिंडा में छापेमारी की और इस व्यक्ति को पकड़ा है।
इसके साथ ही एसआईटी ने इस केस को लगभग क्रैक कर लिया है और अन्य गिरफ्तारियां भी बहुत जल्द होने वाली हैं। इसमें पंजाब से झंडा लगाने के लिए ज्यादा लोग नहीं आए थे, लेकिन जांच इस बिंदु पर हो रही है कि हिमाचल में कितने लोगों के संपर्क में ये थे और किससे इनको मदद मिली? मोरिंडा से गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ में यह भी पता चला है कि काफी दिनों से यह इस तरह की वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे और कई कोशिशें इसके लिए पहले भी की गई।
इस पूरे मामले में कहीं कोई राजनीतिक पक्ष भी है या नहीं, इस बारे में एसआईटी अलग से जांच कर रही है। गौरतलब है कि धर्मशाला विधानसभा के गेट पर रात के अंधेरे में यह झंडे लगाए गए थे और उसके बाद जांच के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एफआईआर दर्ज करने के बाद डीआईजी संतोष पटियाल की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था।
