
हिमखबर – डेस्क
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नुरपूर की गंगथ की पँचायत अनोह की गांव की बुजुर्ग महिला का वीडियो वायरल हो रहा है.
वृंदावन के आश्रम में महिला और कथावाचक के साथ संवाद का यह वीडियो है, जिसमें महिला कहती है कि उसके दोनों बेटों ने उसे घर से निकाल दिया है. हालांकि, अब महिला के बेटों का पक्ष भी सामने आया है और उन्होंने वीडियो का खंडन किया है.
वीडियो के अनुसार, महिला कथावाचक को बताती है कि वह कांगड़ा के नूरपुर के पास के गांव से है और नौ महीने से वह आश्रम में रह रही है.
बुजुर्ग महिला का आरोप है कि उसके बड़े बेटे की पत्नी उससे घर में रखने से इंकार करती है और वह नौ महीने से घर नहीं गई है. वहीं, छोटा बेटा भी उसे साथ रखने से इंकार करता है.
अनोह पंचायत के प्रधान और लोगों से इस बारे में बातचीत में पता चला है कि बुजुर्ग महिला हाल ही में बीते माह घर आई थी. महिला अपनी मर्जी से घर पर आती और जाती है.
ग्राम पंचायत अनोह के प्रधान पवन सिंह ने बताया कि परिवार में कलह या कुछ और…ऐसी कोई भी बात उन्होंने नहीं सुनी है. अभी एक महीना पहले ही माता घर पर आई थी. इस दौरान उन्होंने खुद महिला के पेंशन के कागज भी तैयार किए थे. प्रधान ने कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर उन्हें बहुत हैरानी हुई.
बेटा बोला कोई षड़यंत्र कर रहा है
बुजुर्ग महिला के बेटे सुरेश कुमार का कहना है कि वीडियो मेरी मां का है. लेकिन कोई षड्यंत्र कर रहा है. ऐसा कभी भी नहीं हुआ कि हमने अपनी माता को परेशान किया हो. मेरी माता पिछले महीने घर पर आई थी और माता को पैसे भी दिए थे.
आसपास के दुकानदारों से इस बारे में पूछा जा सकता है. मां अगर दुकान से कोई भी खाने पीने के लिए सामान लाती है तो उसके पैसे भी हम देते हैं. पिछली बार माता घर पर आई थी तो हमने सारा घर उनके लिए छोड़ दिया था और मैं खुद किराये के मकान में रहता हूं. बेटे ने कहा कि कोई उनकी मां को गाइड कर भड़का रहा है.
