
दादी व बुआ को 6-6 माह की कारावास
मंडी – नरेश कुमार
माननीय विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) जिला मंडी की अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के दोषी पिता को विभिन्न धाराओं में कारावास की सजा के साथ जुर्माने की सजा सुनाई।
माननीय अदालत ने दोषी पिता को बीस वर्ष कैद की सजा के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही इस मामले को दबाने के आरोप में पीडि़ता की दादी व बुआ को भी 6-6 माह की कैद सुनाई है।
जिला न्यायवादी मंडी कुलभूषण गौतम ने बताया कि पीडि़ता की मां ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि 4 अप्रैल 2020 को उसकी बेटी पीडि़ता ने उसको बताया कि लगभग एक माह पहले पीडि़ता के पिता ने पीडि़ता के साथ दुष्कर्म किया और पीडि़ता को धमकाया कि अगर वह यह बात किसी को बताएगी तो वह उसे जान से मार देगा।
पीडि़ता ने इस हादसे के बारे में अपनी दादी और बुआ को बताया तो उन्होंने भी पीडि़ता को चुप रहने को कहा था।
शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर थाना औट में मामला दर्ज हुआ था और मामले की छानबीन उप निरीक्षक ज्वाला सिंह ने की।
छानबीन पूरी होने पर थानाधिकारी थाना औट जिला मंडी द्वारा मामले के चालान को अदालत में दायर किया था। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत में 15 गवाहों के ब्यान कलम बंद करवाए थे।
उक्त मामले में सरकार की तरफ से मामले की पैरवी लोक अभियोजक विनय वर्मा द्वारा की गई।
अभियोजन एवं बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उपरोक्त दोषी को भारतीय दंड सहिंता की धारा 376 (2) (एफ) के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ 10,000 रुपये जुर्माने की सजा,
धारा 376(एबी) के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ 10,000 रुपये जुर्माने की सजा, धारा 506(आईआई) के तहत एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा के साथ 1000 रुपये जुर्माने की सजा
और पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के साधारण कारावास की सजा के साथ 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत ने दोषी को 1 से 6 माह तक के अतिरिक्त कारावास की सजा भी सुनाई।
इसके अतिरिक्त पीडि़ता की दादी व बुआ को पोक्सो अधिनियम की धारा 21 के तहत 6-6 माह के साधारण कारावास की सजा के साथ 1,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जुर्माना अदा न करने पर अदालत ने दोनों महिला दोषियों को को एक-एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भी सुनाई। सुनाई गई सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
