बुरी तरह फैलने लगा मंकीपॉक्स; यूरोप के आठ देश चपेट में, कांगो में 58 मौतें

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व्यूरो रिपोर्ट

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) यूरोप के क्षेत्रीय निदेशक डा. हंस हेनरी क्लूज ने कहा कि यूरोप के आठ देशों ने पहले ही मंकीपॉक्स के मामलों की पुष्टि की है।

डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता तारिक जसारेविक ने कहा कि संगठन को मंकीपॉक्स के 37 पुष्ट मामलों के बारे में सूचित किया गया था और अन्य 71 संदिग्ध मामलों की जांच की जा रही है।

डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक क्लूज ने कल एक बयान में कहा कि हाल के दिनों में आज तक डब्ल्यूएचओ यूरोपीय क्षेत्र के कम से कम आठ देशों- बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, पुर्तगाल, स्पेन, स्वीडन और ब्रिटेन में मंकीपॉक्स के मामले सामने आए हैं।

उन देशों के बाहर जहां मंकीपॉक्स को स्थानिक बीमारी के रूप में जाना जाता है, वहां हाल ही में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका में भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं। उन्होंने निर्दिष्ट किया कि यूरोप में दर्ज अधिकांश मामलों में हल्के लक्षण हैं, लेकिन उन पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरुरत है।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार ज्यादातर लोग आमतौर पर बिना इलाज के कुछ ही हफ्तों में मंकीपॉक्स से ठीक हो जाते हैं, लेकिन यह बीमारी छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और ऐसे व्यक्तियों में अधिक गंभीर हो सकती है, जिनका प्रतिरक्षण क्षमता कम है। इसके लक्षण शुरूआत में फ्लू जैसे होते हैं, जैसे बुखार, ठंड लगना और सूजी हुई लिम्फ नोड्स, जिसके बाद बड़े पैमाने पर दाने निकलते हैं।

मंकीपॉक्स वायरस आसानी से संचरित नहीं होता है और आमतौर पर संक्रमित व्यक्ति के साथ शारीरिक संपर्क बनाने से फैलता है।

उधर, अफ्रीकी महाद्वीप में स्थित देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में मंकीपॉक्स के कम से कम 1,284 संदिग्ध मामलों के मिलने और 58 मौतें दर्ज होने की सूचना मिली है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसकी जानकारी दी।

कांगो में संगठन के कार्यालय ने ट्वीट कर जानकारी दी, कांगो के संकुरू, त्शोपो, इक्वेटूर और त्शुपा जैसे प्रांतों में 913 मामलों की सूचना मिली है, जो देश भर में कुल दर्ज मामलों का लगभग 75 प्रतिशत है।

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