हिमखबर डेस्क
बड़ा भंगाल के टणकारी इलाके में भेड़-बकरियां चराने गया भेड़पालक अचानक घायल हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने उपायुक्त चंबा से संपर्क कर राहत एवं बचाव अभियान शुरू करवाया।
पर्वतारोहण अनुदेशक पंकज महंत की अगवाई में 13 सदस्यीय विशेष पर्वतारोहण दल ने सुरक्षित रेस्क्यू कर मरीज को नवजीवन प्रदान किया है।
टीम ने दो दिन तक मरीज को स्ट्रेचर पर उठाकर कई किलोमीटर का जोखिम भरा रास्ता पार कर धराड़ी पहुंचाया।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर विकास शर्मा को जिला आपदा प्राधिकरण कांगड़ा के अध्यक्ष एवं उपायुक्त के माध्यम से दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल में एक व्यक्ति के गंभीर रूप से बीमार होने की सूचना दी गई।
मरीज की गंभीर स्थिति एवं प्रतिकूल मौसम के कारण हेलिकाप्टर सेवा उपलब्ध न होने से तत्काल वैकल्पिक रेस्क्यू अभियान आरंभ किया गया।
एडीसी भरमौर विकास शर्मा के निर्देशानुसार पर्वतारोहण अनुदेशक पंकज महंत के नेतृत्व में 13 सदस्यीय विशेष पर्वतारोहण (रेस्क्यू) दल का गठन किया गया।
यह दल 18 जुलाई को भरमौर से बड़ा भंगाल के लिए रवाना हुआ। उसी रात मरीज तक पहुंची। 19 जुलाई सुबह मरीज को स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित निकालकर पैदल रेस्क्यू अभियान आरंभ किया गया।
रेस्क्यू दल 19 जुलाई की रात लगभग 11 बजे के करीब मरीज को सुरक्षित धराड़ी तक लेकर पहुंचा।
वहां पूर्व से तैनात एंबुलेंस के माध्यम से मरीज को तत्काल पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल चंबा भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। मरीज की पहचान निजल कुमार निवासी गुनेहड़ बड़ा भंगाल के रूप में हुई है।

