नूरपुर – स्वर्ण राणा
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पठानकोट-मंडी फोरलेन परियोजना की जद में आए भवन मालिकों (फोरलेन प्रभावित) को नूरपुर प्रशासन ने कब्जा छोड़ने के लिए सात दिन की मोहलत दी है। ऐसा न करने की सूरत में बिजली-पानी का कनेक्शन काटने के अलावा एनएएचआई द्वारा अधिग्रहीत भूमि का कब्जा लेने के लिए कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जानकारी के मुताबिक उपमंडल समहर्ता एवं भू अधिग्रहण अधिकारी (एसडीएम) की ओर से 84 भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिन्हें फोरलेन निर्माण की जद में आने वाले भवन-परिसरों की एवज में बाकायदा मुआवजा राशि जारी की गई थी, बल्कि दो माह के भीतर परिसर खाली करने के नोटिस भी दिए गए थे।
बावजूद इसके इन भवन मालिकों ने अभी तक भवन-परिसर खाली नहीं किए हैं या अभी तक अधिग्रहीत परिसरों का कब्जा एनएएचआई को नहीं सौंपा है। जबकि इनमें से कुछ फोरलेन प्रभावितों ने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। इसके चलते भवन परिसर खाली करवाने की प्रक्रिया ठंडे बस्ते में पड़ने से निर्माण कार्य की गति भी प्रभावित हो रही थी।
अब समहर्ता एवं भू अधिग्रहण अधिकारी (एसडीएम नूरपुर) ने मुआवजा राशि लेने के बाद भी एनएएचआई को कब्जा नहीं दे रहे भवन मालिकों को एक सप्ताह के भीतर एनएएचआई को भवन-परिसरों को खाली कर कब्जा सौंपने के लिए नोटिस जारी किए हैं।
प्रशासन की ओर से जारी नोटिस की प्रतिलिपियां संबंधित परियोजना अधिकारी एनएएचआई (पालमपुर), सहायक अभियंता विद्युत वोर्ड, सहायक अभियंता जल शक्ति विभाग, तहसीलदार नूरपुर को भी प्रेषित कर दी गई।
इस संदर्भ में समहर्ता एवं भू अधिग्रहण अधिकारी (एसडीएम) नूरपुर गुरसिमर सिंह ने बताया कि फोरलेन सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित भवन परिसरों के मालिकों को सात दिन के भीतर एनएएचआई को कब्जे सौंपने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।

