तीन किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर लोग
कोटला – व्युरो रिपोर्ट
विधानसभा क्षेत्र जवाली के अधीन त्रिलोकपुर-32 मील में फोरलेन कार्य के चलते त्रिलोकपुर में निर्मित पंप हाउस हवा में लटक गया है जोकि कभी भी धराशायी हो सकता है। अगर पंप हाउस त्रिलोकपुर धराशायी होता है तो पेयजल समस्या चरमरा जाएगी।
फोरलेन कार्य में जुटी कंपनी ने इसके नीचे से खुदाई कर दी है जिससे यह पंप हाउस हवा में लटक गया है। इसमें लीकेज होने के कारण 32 मील व त्रिलोकपुर में पानी की व्यवस्था चरमराने शुरू हो गई है।
32 मील के दुकानदार सुनील कुमार सहित अन्य ने बताया कि फोरलेन के कार्य के चलते पंप हाउस त्रिलोलपुर हवा में लटका हुआ है तथा इसमें लीकेज होने से पेयजल समस्या चरमराने शुरू हो गई है। इसके अलावा एक-दो प्राकृतिक पेयजल स्त्रोत थे वो भी फोरलेन कार्य की भेंट चढ़ गए हैं।
एक पुरानी बाबड़ी थी उसको भी फोरलेन कार्य में लगी कंपनी ने मलबे में दबा दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन व जल शक्ति विभाग ने पानी की कोई व्यवस्था का कोई प्रावधान नहीं किया है। अभी से ही लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है तथा करीबन तीन किलोमीटर दूर जाकर गाड़ियों में पीने का पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि पंप हाउस त्रिलोकपुर के बचाव के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। विभागीय अधिकारी/कर्मचारी यह बोल कर पल्ला झाड़ लेते हैं कि फोरलेन के कार्य के चलते पंप हाउस हवा में लटका है तथा इसकी सुरक्षा के लिए डंगा लगाने हेतु एसडीएम ज्वाली को अवगत करवाया गया है।
उन्होंने जल शक्ति विभाग से मांग की है कि गर्मियों में पानी की समस्या न हो, इसके लिए कोई अन्य विकल्प किया जाए तथा जल्द से जल्द पानी की समस्या को बहाल किया जाए।
सहायक अभियंता विजय नाग के बोल
इस बारे में जल शक्ति विभाग कोटला के सहायक अभियंता विजय नाग ने कहा कि फिलहाल पानी की कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि इस पंप हाउस को बचाने हेतु इसके पास डंगा लगाने बारे फोरलेन परियोजना के जनरल मैनेजर से बात हो गई है तथा उन्होंने जल्द ही डंगा लगाने की बात कही है।
एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह के बोल
इस बारे में एसडीएम ज्वाली महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पंप हाउस के पास डंगा लगाने बारे जीएम को कहा गया है तथा उन्होंने प्राथमिकता से डंगा लगाने की बात कही है।

