
शिमला- जसपाल ठाकुर
हिमाचल प्रदेश में फार्मासिस्ट के पदों के लिए स्पोट्र्स कोटे से कोई भी योग्य अभ्यर्थी नहीं मिल पाया। 15 पदों के लिए नौ लोगों ने आवेदन किया था, लेकिन कोई भी शर्तेें पूरी नहीं कर पाया। इससे सभी पद रिक्त रह गए। स्वास्थ्य निदेशालय में स्पोट्र्स कोटे के तहत काउंसलिंग रखी गई थी। जिसके लिए मान्यता प्राप्त संस्थान से फार्मेसी में डिप्लोमा के साथ तीन नेशनल खेलना जरूरी था।
इसके लिए पहुंच नौ अथ्यर्थियों के पास फार्मेसी में डिप्लोमा तो था, लेकिन किसी ने एक भी नेशनल नहीं खेला था। ऐसे में उन्हें अयोग्य करार दिया गया। अस्पतालों में फार्मासिस्ट के कई पद रिक्त हैं और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की निदेशक डा. अनिता महाजन ने इसकी पुष्टि की है।
निदेशालय ने सरकार को भेजी रिपोर्ट
स्पोट्स कोटे के तहत खाली रह गए 15 पदों की रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशालय ने प्रदेश सरकार को भेज दी है। जिसमें कहा गया कि तीन नेशनल खेलने वाला कोई नहीं आया। अब बताया जाए कि इन पदों को कैसे भरा जाए।
नियमों में बदलाव करे सरकार : संघ
अध्यक्ष लिपिक वर्ग स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशालय संघ स्नाइक मस्तराम का कहना है राज्य सरकार को स्पोट्र्स कोटे के नियमों में बदलाव करना चाहिए। इंटर यूनिवर्सिटी और स्टेट खेलने वालों के लिए अंकों का निर्धारण करना चाहिए। इससे युवा खिलाडिय़ों को भी लाभ होगा।
