हिमखबर – व्यूरो रिपोर्ट
संजीव कुमार केंद्र मुख्य शिक्षक राजकीय प्राथमिक पाठशाला गंदड़ प्राथमिक शिक्षा खंड लंबा गांव जिला कांगड़ा में कार्यरत हैं। इनका चयन अर्थ जस्ट संस्था के तहत सतत शिक्षक समुदाय में चेंजमेकर के रूप में हुआ है। जिसमें हिमाचल प्रदेश के 22 अध्यापकों का चयन कोहाट दो के लिए हुआ है।
संजीव कुमार ने अपने प्रोजेक्ट प्लास्टिक रीसाइकलिंग और वृक्षारोपण को चुना तथा इस विषय पर बात की। वह अर्थ जस्ट इकोसिस्टम द्वारा हिमाचल प्रदेश काउंसलिंग फॉर साइंस टेक्नोलॉजी एंड एनवायरमेंट (HIMCOSTE) के सहयोग से कोहाट दो संचार स्त्र पर अपने विचार सांझा किये। इसमें हर शनिवार को चुने हुए अध्यापक अपने प्रोजेक्ट की प्रस्तुति देते हैं।
अब आठ जिलों से 34 शिक्षकों का समुदाय बन चुका है। सतत एक कार्यक्रम है जो सिथरता और जलवायु कार्यवाही पर केंद्रित है। जिसे शिक्षा में परिवर्तन लाने और हिमाचल प्रदेश में सिथरता की परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

संजीव ने लगभग 120 छात्रों पंचायत सदस्यों स्थानीय अधिकारियों व एस एम सी के साथ मिलजुल कर सिंगल जूस प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों के बारे में समुदाय को जागरूक किया है। इन्होंने अपनी पाठशाला के बच्चों को प्रकृति से जोड़ने के लिए वह सुंदरता को बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण अभियान भी आयोजित किया। संजीव सामुदायिक मानसिकता में बदलाव लाने के लिए प्रतिबंध है और स्वयं से समाज तक के दृष्टिकोण की दिशा में उत्साह पूर्वक कार्य कर रहे हैं।
डॉ .जोगिंदर सिंह DIET धर्मशाला ने संजीव के प्रयासों की सराहना की उन्होंने कहा कि संजीव जी पर्यावरण के सच्चे मित्र के रूप में कार्य करते हैं इन्होंने बच्चों को भी समाज के साथ जोड़ा है और सतत विकास की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं।
सुनील धीमान पीर कोलैबोरेटर सतत शिक्षक समुदाय से कहते हैं संजीव जी पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी पौधारोपण में हर घर नीम एक मुहिम में भी अपना सक्रिय योगदान दे रहे हैं।
विनता देवी ग्राम पंचायत प्रधान गंदड़, संजीव कुमार केंद्र मुख्य शिक्षक ने स्कूली बच्चों को ही नहीं इन्होंने पंचायत व एस एम सी के सहयोग से स्थानीय लोगों को भी प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने का काफी प्रयास किया है तथा वृक्षारोपण करके भी समाज को प्रकृति प्रेम के प्रति जागरूक किया है।

