हिमखबर डेस्क
प्र्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हाई लेवल मीटिंग करेंगे। शाम 6.30 बजे वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए यह बातचीत होगी। आचार संहिता के चलते इस बातचीत में चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं होंगे।
बातचीत के दौरान मिडल ईस्ट के हालात पर चर्चा होगी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा करेंगे। संकट की इस घड़ी में टीम इंडिया की भावना के साथ तालमेल की यह कोशिश है।
चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए एक अलग बैठक होगी, जो कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से आयोजित की जाएगी।
उधर, केंद्र सरकार ने गुरुवार को साफ तौर पर कहा कि देश में पेट्रोलियम और एलपीजी (एलपीजी) की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक दुष्प्रचार पर ध्यान न दें, जिसका उद्देश्य बेवजह घबराहट पैदा करना है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास कुल मिलाकर 74 दिनों की भंडारण क्षमता है, जिसमें से वर्तमान में लगभग 60 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है। इसमें कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और भूमिगत रणनीतिक भंडारण (कवर्न) शामिल हैं।
एलपीजी को लेकर भी सरकार ने किसी तरह की कमी से इनकार किया है। मंत्रालय के अनुसार, घरेलू उत्पादन में 40 फीसदी की वृद्धि की गई है, जिससे रोजाना उत्पादन 50 हजार मीट्रिक टन (टीएमटी) तक पहुंच गया है, जो कुल आवश्यकता का 60 फीसदी से अधिक है।
अब आयात की दैनिक जरूरत घटकर 30 टीएमटी रह गई है। इसके अलावा अमरीका, रूस और आस्ट्रेलिया समेत कई देशों से 800 टीएमटी एलपीजी की खेप पहले से रास्ते में है, जो देश के 22 आयात टर्मिनलों पर पहुंचेगी।
सरकार ने कहा कि लगभग एक महीने की एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित है और अतिरिक्त खरीद लगातार जारी है।

