
शाहपुर- नितिश पठानियां
पठानियां ने कहा कि करोना की तीसरी लहर ओमिकरोम के रूप में बढ़ते केस को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी कार्यक्रम जनसभा, बैठके, रद्द कर दी है।
वहीं दूसरी तरफ उन्होंने प्रदेश सरकार स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनकी नाकामी धार कंडी क्षेत्र की जनता पर भारी पड़ रही है।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव केवल सिंह पठानियां ने कहा कि एक तरफ सरकार के मंत्री अखबारों के माध्यम से करोड़ों रुपये सड़को को संवारने का ढोंग रच रही है। तो दूसरी तरफ धार कंडी की जनता अभी भी सड़क सुबिधा को तरस रही है।
पठानियां ने कहा कि अगर सही मायने में भाजपा सरकार की मंत्री को शाहपुर की जनता पीड़ा होती तो आज छे-सात महीने बीतने के बाद भी घेरा मेटी करेरी सड़क केंट नाले के पास बह जाने से आज तक सड़क नही बनी ओर जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पठानियां ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और लोकनिर्माण बिभाग को 12 जुलाई 2021 को हुई भारी बारिश से सड़क क्षतिग्रस्त होने के बारे में अबगत करवाया था, ओर जिलाधीश महोदय के माध्यम से प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को भी इस सड़क के मुद्दे का ज्ञापन भी भेजा था। लेकिन एक डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी लोकनिर्माण बिभाग के कान में झुं नही रेंगी। आज फिर से भारी बारिश के कारण केंट नाला में जो सड़क थोड़ी बहुत बनाई थी बो फिर से बह गई है।
तब धारकंडी क्षेत्र की जनता ने सड़क सुविधा की आवाज को जिलाधीश महोदय के समक्ष रखा और धार कंडी क्षेत्र के युवाओं ने घेरा बरनेट सड़क को जोड़ने की मांग पर धरना प्रदर्शन किया और युवाओं ने अपने सर भी मुड़बाये थेे। तब जिलाधीश महोदय ने धार कंडी की जनता की पीड़ा को समझ कर उस सड़क को जोड़ने के निर्देश लोकनिर्माण बिभाग को दिए और काम भी शुरू हुआ लेकिन स्थानीय मंत्री विधायिका ने बदले की राजनीति करके बरनेट घेरा सड़क का काम बंद करवा दिया।
अगर उसमें मंत्री ने हस्तक्षेप नही किया होता तो बरनेट घेरा सड़क जुड़ने से धार कंडी की हजारों की संख्या की जनता और बाहर से आने जाने बाले पर्यटकों को मुशिकलों का सामना नही करना पड़ता।
पठानियां ने कहा कि एक तरफ करोना का तीसरा बेरियंट ओमिकरोम ने अपने पैर पसार दिए है और जनता को आने जाने के लिए सड़क सुविधा नही है। पठानियां ने कहा कि जल्द से जल्द स्थानीय प्रशासन चीफ इंजीनियर के नेतृत्व में टीम गठित करके घेरा मेटी केंट नाला सड़क पर मौके पर भेज कर मुआयना करवाये ओर जनता के लिए आने जाने के लिए घेरा बरनेट सड़क को जल्द से जल्द जोड़ा जाए।
दूसरी तरफ पठानियां ने कहा कि करोड़ो रूपये सरकार के खर्च करने पर भी डल झील की दुर्दशा नही सुधरी। आज पर्यकट अगर डल में आ रहे है तो क्या देखे? व्यापारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
प्रदेश सरकार ने चार सालों में डल झील को संवारने के लिए कोई प्रयास नही किये और न ही कोई दिलचस्पी दिखाई। जिसका खामियाजा वहां की स्थानीय जनता और व्यपारियो को उठाना पड़ रहा है। कई बार डल झील का मुद्दा प्रदेश सरकार के समक्ष रखा पर कोई हल नहीं हुआ। पठानिया ने मांग की है कि, डल झील में पैसा खर्च करने के बाद भी, डल झील की दशा न सुधरने पर जिमेदार अधिकारियों की जांच की जाए और दोषियों को सजा दी जाए।
अंत में पठानियां ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा की, लगता है कि, बिभाग अब मुख्यमंत्री की भी नही सुन रहा है। तभी प्रदेश में ये हालात पैदा हो चुके है। अब जनता 2022 का इंतजार कर रही है। भाजपा की इस सरकार को बर्खास्त करने का।
