
ज्वाली- अनिल छांगू
10 दिसंबर को धर्मशाला में स्वर्ण आयोग के गठन के लिए देवभूमि क्षत्रिय संगठन व देवभूमि स्वर्ण समाज तपोवन विधानसभा में जब तक प्रदेश की सरकार सवर्ण आयोग गठन का एलान नहीं करती तब तक तपोवन विधानसभा के वाहर धरना- प्रदर्शन घेराव किया जाएगा। जिसके तहत न तो किसी को विधानसभा के गेट के अंदर जाने दिया जाएगा और न ही अंदर से किसी को बाहर आने दिया जाएगा। तपोवन में सभी विधायकों की गंगाजल से शुद्धि की जाएगी। यह बात देवभूमि क्षत्रिय संगठन के प्रदेशाध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर ने जवाली में पहुंचने उपरांत प्रेसवार्ता के दौरान कही।
रूमित सिंह ठाकुर ने कहा कि यह पैदल यात्रा 15 नवंबर से शुरू हुई थी और हरिद्वार से होते हुए जवाली पहुंची है। रूमित सिंह ठाकुर ने कहा कि पिछले 50 सालों से भाजपा व कांग्रेस की सरकार सत्तासीन होती आ रही हैं जिन्होंने हमेशा ही सत्तासीन होने के लिए सवर्णों के साथ वोटों की राजनीति की लेकिन सवर्णों के हित के लिए कुछ भी नहीं किया।
उन्होंने कहा कि हर सरकार के मुखिया समक्ष सवर्ण आयोग के गठन की मांग की गई लेकिन मांग को अनसुना किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी सवर्ण आयोग गठन के लिए चार बार वायदा किया लेकिन उसके बाद कोई भी कार्रवाई नहीं की लेकिन अब अनदेखी को ज्यादा सहन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनावों के समय तो पार्टियों को सवर्णों की याद आती है जबकि जीत हासिल करने के बाद कुछ भी नहीं किया जाता है जबकि सरकार में मुख्यमंत्री सहित अधिकतर विधायक, मंत्री भी सवर्ण जाति से ही संबन्ध रखते हैं लेकिन इसके बाद भी सवर्णों के हितार्थ कुछ भी नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य मजबूत है। उन्होंने चेताया है कि अगर प्रदेश सरकार ने सवर्ण आयोग गठन की मांग को पूरा नहीं किया तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा।
विधायक विक्रमादित्य सिंह का स्वर्ण हित में दिया बयान सराहनीय
रूमित सिंह ठाकुर ने कहा कि विधायक विक्रमादित्य सिंह ने सवर्णों के हित की आवाज उठाई है जिस पर हम उनका समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि सवर्णों के लिए बिडंबना है कि प्रदेश सरकार में 51 विधायक सवर्ण जाति से संबंधित हैं लेकिन इसके बाद भी सवर्ण आयोग का गठन नहीं किया जा रहा है, यही वजह है कि विक्रमादित्य सिंह को छोड़कर सभी विधायकों का शुद्धिकरण किया जाएगा।
इस मौके पर शिंपू जरियाल, सेठी ठाकुर, कवि ठाकुर संजय राणा, जगरूप जरियाल,सहित काफी लोगों ने भाग लिया।
