प्रदेश सरकार के पास सात दिन का वक्त, प्रोफेसर्ज ने रोका परीक्षाओं का मूल्यांकन

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शिमला – जसपाल ठाकुर

प्रदेश के 140 डिग्री कालेजों में कॉलेज प्रोफेसरों ने यूजी परीक्षाओं के मूल्यांकन का काम रोक दिया है। कारण प्रदेश सरकार की ओर से इन्हें यूजीसी स्केल नहीं दिया जा रहा है, जिसके विरोध में अब कालेज प्रोफेसर आंदोलन पर उतर आए हैं। प्रोफेसर्ज ने यूजी परीक्षाओं के मूल्यांकन का काम सभी कालेजों में रोक दिया है, इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम भी दिया है।

इन सात दिनों के भीतर यूजीसी पे स्केल को लागू करने की मांग की जा रही है। कॉलेज कैडर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रामनाथ शर्मा का कहना है कि पिछले छह माह से वे लगातार प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंप रहे हैं।

इसके साथ ही लगातार यूजीसी पे स्केल जारी करने की डिमांड भी उठाई जा रही है, लेकिन उनकी मांग अब तक पूरी नहीं हुई है। यही कारण है कि उन्हें अब यह रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

दूसरी ओर सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि कॉलेज प्रोफेसर बच्चों की परीक्षाओं के मूल्यांकन का काम नहीं करेंगे, तो रिजल्ट समय पर कैसे आएंगे। कालेज कैडर यूनियन और प्रदेश सरकार की आपसी लड़ाई में छात्रों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

पहले ही एचपीयू की ओर से रिजल्ट में देरी की लगातार शिकायतें मिलती आ रही है। ऐसे में एक बार फिर कॉलेज प्रोफेसर की ओर से मूल्यांकन का कार्य रोकने के बाद छात्रों की मुश्किलें बढऩा लाजमी है। गौर रहे की कोविड-19 के चलते छात्रों की दो साल बाद ऑफलाइन परीक्षाएं हुई है।

इस बार सत्र पहले ही लेट है ऐसे में रिजल्ट भी यदि समय पर नहीं आया तो छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इन कालेज प्रोफेसर का कहना है कि हालांकि उनके इस कदम से छात्रों को दिक्कतें होगी। रिजल्ट समय पर नहीं आएगा, लेकिन प्रोफेसर के पास भी अपने डिमांड को पूरी करने का अन्य कोई रास्ता नहीं बचा है।

ऐसे में मजबूरन उन्हें मूल्यांकन का कार्य रोकना पड़ा है। सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का अब एक मात्र यही उन्हें विकल्प लगा और उन्होंने मूल्यांकन का कार्य सभी कॉलेजों में रोक दिया है।

27 राज्य में लागू है यूजीसी स्केल

शिक्षक यूजीसी पे स्कूल जारी करने की मांग कर रहे हैं। विश्वविद्यालय और कालेज में पढ़ा रहे शिक्षकों का कहना है की अन्य 27 राज्यों में 2018 से यूजीसी लागू कर दिया गया है। हिमाचल के 3000 के करीब शिक्षकों को पिछले चार साल से इसका इंतजार है।

इससे पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से विभिन्न संगठनों की हिमाचल यूनिवर्सिटी एंड कालेज टीचर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने भी मुलाकात की है। कमेटी ने उन्हें यूजीसी की ओर से 2018 में जारी नए पे स्केल को अन्य राज्यों तर्ज पर लागू करने की मांग उठाई है। अब सरकार को अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है।

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