प्रदेश में हो भी सकते हैं उपचुनाव

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कई राज्यों से मिले फीडबैक के बाद फैसले पर हो रहा पुनर्विचार

शिमला- जसपाल ठाकुर

लोकसभा और विधानसभा की खाली सीटों को भरने के लिए होने वाले उपचुनाव को टालने का फैसला बदल सकता है। केंद्रीय चुनाव आयोग अपने इस फैसले को रिव्यू कर रहा है। ऐसा कई राज्यों से आए फीडबैक के आधार पर किया जा रहा है। चुनाव आयोग से जुड़े आधिकारिक सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है। केंद्रीय चुनाव आयोग ने एक सितंबर को उपचुनाव वाले सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की थी।

इसमें हिमाचल की ओर से भी फीडबैक दिया गया था कि राज्य में उपचुनाव फेस्टिवल सीजन यानी दिवाली के बाद करवाए जाएं। बरसात, कोरोना और सेब सीजन के कारण ऐसा सुझाव दिया गया था। इसके बाद तीन सितंबर को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए चुनाव आयोग ने सूचना दी कि पश्चिम बंगाल को छोड़ शेष राज्यों में चुनाव फिलहाल टाले जा रहे हैं, लेकिन अब सरकारी अमला इस सूचना के बाद फिर से हाई अलर्ट पर है कि कहीं शेड्यूल जारी न हो जाए।

यह सूचना सरकार और सत्तारूढ़ दल भाजपा को भी मिल गई है कि फैसला अंडर रिव्यू है। इसलिए यदि आगामी कुछ दिन में उपचुनाव घोषित हो जाएं, तो हैरान होने की जरूरत नहीं है। राज्य में इस समय विधानसभा की तीन सीटें फतेहपुर, अर्की और जुब्बल कोटखाई खाली हैं, जबकि मंडी संसदीय सीट पर भी उपचुनाव होना है।

एक तथ्य यह भी है कि यदि विधानसभा सीटों पर अक्तूबर महीने तक चुनाव पूरा न हुआ तो इनके अगले चुनाव तक खाली रहने का खतरा है, क्योंकि दिसंबर के बाद एक साल से कम समय इनके लिए रह जाएगा।

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