हिमख़बर डेस्क
मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए प्रदेश में 2 माह के लिए मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लागू है, लेकिन इंदौरा क्षेत्र में ब्यास नदी में इसका खुलेआम उल्लंघन जारी है।
मंगलवार को टांडा पत्तन पुल के नीचे 2 किश्तियों के माध्यम से जाल डालकर मछलियों का शिकार किए जाने की सूचना पर मत्स्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए 2 लोगों को पकड़कर 3000 रुपए का जुर्माना लगाया।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश से आए कुछ प्रवासी मछुआरे वर्षों से इस क्षेत्र में मछली पकड़ने का कार्य करते हैं।
आरोप है कि प्रतिबंध अवधि में भी वे चोरी-छिपे ब्यास नदी में जाल डालकर मछलियों का शिकार कर रहे हैं। सूचना मिलने पर मत्स्य विभाग के वॉचर अभिषेक ने मौके पर दबिश दी।
एक किश्ती मौके से निकल गई, जबकि दूसरी किश्ती में सवार 2 व्यक्तियों को पकड़कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।
गौरतलब है कि बीते सप्ताह भी विभाग ने इसी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक जाल जब्त किया था और संबंधित मछुआरों पर 1600 रुपए का जुर्माना लगाया था।
आरोप है कि जुर्माना भरने के बाद भी उन्होंने दोबारा मछली पकड़ना शुरू कर दिया। मत्स्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध अवधि में अवैध रूप से मछली पकड़ने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
वहीं बार-बार कार्रवाई के बावजूद नियमों के उल्लंघन से यह सवाल भी उठ रहा है कि केवल जुर्माना ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए कितना प्रभावी है।
मत्स्य क्षेत्रीय सहायक इंदौरा अभिषेक के बोल
मत्स्य क्षेत्रीय सहायक इंदौरा अभिषेक ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम ने मौके पर दबिश दी। एक किश्ती मौके पर नहीं मिली, जबकि दूसरी किश्ती में मछली पकड़ रहे लोगों को पकड़कर 3000 रुपए का जुर्माना किया गया।

