
चम्बा – धर्म नेगी
विकास खंड चंबा व मैहला में विकास कार्यों में लेटलतीफी करने वालों की अब खैर नहीं है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जिस भी पंचायत द्वारा विकास कार्यों के लिए पैसा निकाल लिया है ओर कार्य नहीं किया गया है, उन पर अब सीधे एफआइआर दर्ज की जाएगी।
उपायुक्त चंबा ने दोनों विकास खंड अधिकारियों को विकास कार्यों के उपयोगिता प्रमाणपत्र पंचायतों से 31 मार्च तक जमा करवाने के आदेश दिए हैं। अगर किसी पंचायत ने प्रमाणपत्र जमा नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त डीसी राणा ने यह भी कहा है कि अगर किसी पंचायत ने बजट ले लिया है और खर्च नहीं किया है, तो उससे भी बजट वापस ले लिया जाएगा।
चंबा जिला के विकास खंड मैहला व चंबा में करीब 6.75 करोड़ के ऐसे विकास कार्य हैं जिनके पंचायतों द्वारा पैसा तो निकाल लिया गया है मगर उनका उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा ही नहीं करवाया है।
कई पंचायतें ऐसी भी हैं जिन्होंने विकास कार्य के लिए बजट पंचायतों के खाते में जमा तो करवा लिया है मगर उसे खर्च ही नहीं किया गया है। प्रशासन ने विकास कार्यों की एक सूची तैयार कर दोनों विकास खंड अधिकारियों को सौंप दी है।
विधायक व सांसद निधि के हैं अधिकतर कार्य
विकास खंड चंबा व मैहला में करोड़ों के अधिकतर विकास कार्य जोकि विधायक व सांसद निधि से स्वीकृत किए गए हैं। उन कार्य का संबधित पंचायतों पर उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं किए गए हैं। हैरात कि बात यह है कि पंचायतों द्वारा अधिकतर कार्य का पैसा तक निकाल लिया है।
जांच के बाद ही दिया जाएगा बजट
जिला प्रशासन ने विकास खंड अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि किसी भी कार्य का अनुबंध करने के बाद दूसरी किस्त तभी जारी किए जब तक मौके पर फील्ड स्टाफ द्वारा कार्य की प्रगति रिपोर्ट नहीं दी जाती। बिना रिपोर्ट के पंचायत को कोई भी बजट जारी नहीं किया जाएगा।
लेच में निकल चुका है गड़बड़झाला
विकास खंड मैहला की ग्राम पंचायत लेच में हुए विकास 18 विकास कार्यों में गड़बड़झाला सामने आया है। इसका पता जिला प्रशासन द्वारा करवाई गई जांच में चला है।
जांच में पाया कि शिकायतकर्ता द्वारा जिन 25 कार्यों में गड़बड़झाले की आशंका जताई गई थी उनमें से 18 में शिकायत सही पाई गईं। जांच टीम ने इस पूरे मामले की जांच के लिए विजिलेंस चंबा को सौंप दिया है।
चंबा जिला के चंबा व मैहला विकास खंड में करोड़ों के विकास कार्यों के उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा नहीं हो पाए हैं। सभी पंचायतों को 31 मार्च तक प्रमाणपत्र जमा करवाने को कहा गया है। अगर बजट निकाले के बावजूद किसी पंचायत द्वारा कार्य नहीं किया गया है तो उन पर सीधे एफआइआर दर्ज करवाई जाएगी।
डीसी राणा, उपायुक्त चंबा
