
शिमला- जसपाल ठाकुर
बरसात भले ही थम गई हो, लेकिन साफ मौसम से अब नमी वाले पहाड़ दरकने शुरू हो गए है। शनिवार दोपहर को रामपुर से कुछ दूरी पर पूरा पहाड़ भरभरा कर गिर गया। भूस्खलन में दो वाहन हल्के से चपेट में आए। अगर समय पर दोनों वाहनों की ब्रेक नहीं लगती, तो जानमाल का नुकसान हो सकता था।
सड़क पर खड़े किए गए दो वाहनों को आंशिक तौर से नुकसान पहुंचा है। बताते चलें कि रामपुर से खोपड़ी की तरफ एनएच पर भूस्खलन हो गया। ये प्वाइंट काफी समय से सवेंदनशील बना हुआ है। जब भी बरसात होती है तो ये पहाड़ दरक जाता है। बारिश के बाद साफ मौसम में भी यहां पर भूस्खलन होता रहता है। शनिवार को भी तेज धूप ने इस पहाड़ की मिट्टी को ढीला कर दिया और भू स्खलन हो गया। मिट्टी के साथ बड़े बड़े पत्थर भी आ गए।
चार प्वाइंट्स पर बने जानेलवा
रामपुर में एनएच पर चार प्वाइंट्स जानलेवा बने हुए है, जिसमें सफेद ढांक, स्वीचयार्ड, बीएनएनएल कार्यालय के समीप, खोपड़ी मंदिर वाले प्वाईंट पर लगातार खतरा बना हुआ है। जब भी बारिश होती है, तो यहां पर भूस्खलन शुरू हो जाता है। जिस तरह से शनिवार को बीएसएनएल के समीप भारी भूस्खलन हुआ, उससे साफ है कि कभी भी यहां पर बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में यहां पर एनएच विभाग को सोचना चाहिए कि वह इन जानलेवा प्वाइंट्स को दुरूस्त करे।
खोपड़ी की तरफ भू स्खलन हुआ है, जिसे खोल दिया है। वाहनों की आवाजाही जारी है।
केएल सुमन, अधिशाषी अभियंता, एनएच प्राधिकरण
