
मंडी, नरेश कुमार
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार और जिला प्रशासन की ओर से तय नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने का वर और वधू पक्ष ने बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। वर-वधू सहित दोनों ओर छह सदस्य ही शादी की रस्में निभाएंगे। परिवार का यह निर्णय शादी समारोह में सरकार की बंदिशों को दरकिनार करने वाले उन लापरवाह आयोजकों के लिए सबक है, जो आदेशों की अवहेलना कर वैवाहिक स्थल में अनावश्यक भीड़ को एकत्रित कर संक्रमण के फैलाव को बढ़ावा दे रहे हैं।
जोगिंद्रनगर के निचला गरोडू पंचायत निवासी रूपेश सेन के बेटे सौरव मंडयाल की शादी पंजाब के श्रीमुक्तसर साहिब के निवासी इंद्रजीत की बेटी शीनम से तय हुई है। तीन से पांच मई के शुभ मुहूर्त में यह शादी बेहद सादगी से संपन्न होगी। इसमें दूल्हा पक्ष में पिता रूपेश सेन, उनकी बेटी इशानी और उनके एक नजदीकी मित्र शामिल होंगे। दुल्हन पक्ष से शीनम के साथ माता मीना, पिता इंद्रजीत और भाई संयम ही शामिल होंगे। बता दें कि शादी समारोह में अब मात्र 20 लोग ही शामिल हो सकेंगे, लेकिन कई लोग नियम तोड़ रहे हैं।
इनका कहना है कि प्रदेश में शादी समारोह में उमड़ने वाली भीड़ भी कोरोना संक्रमण के फैलाव का कारण बन रही है। इस पर सरकार की ओर से लगाई जा रहीं पाबंदियां सभी के लिए हितकारी हैं। इसलिए दूल्हा और दुल्हन पक्ष ने शादी में परिवार के तीन सदस्यों ने ही शामिल होने का निर्णय लिया है। उधर, एसडीएम अमित मेहरा ने कहा कि लोगों को इस तरह सूक्ष्म शादियां करनी चाहिए, जिससे कोरोना महामारी की रोकथाम हो सके।
