पर्यटन: ब्यास में राफ्टिंग का रोमांच 16 से, दो माह बाद नदी की जलधारा पर शुरू होंगी गतिविधियां

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15 जुलाई से लेकर 15 सितंबर बरसात के चलते जिले में साहसिक गतिविधियां बंद कर दी गई थीं। अब दो महीने बाद राफ्टिंग शुरू होने से पर्यटन कारोबार में तेजी आएगी। 

कुल्लू – अजय सूर्या

देश-विदेश से कुल्लू की वादियों को निहारने आने वाले पर्यटक अब ब्यास की जलधारा में राफ्टिंग कर सकेंगे। करीब दो महीने बाद ब्यास नदी में 16 सितंबर से राफ्टिंग का रोमांच शुरू हो रहा है। नदी में राफ्टिंग शुरू करने के लिए तकनीकी कमेटी ने मंजूरी दे दी है।

बुधवार को तकनीकी टीम ने पिरड़ी से झीड़ी तक के ट्रैक की जांच की। तीन राफ्टों में सवार होकर तकनीकी कमेटी के सदस्यों ने पिरड़ी से लेकर झीड़ी तक सफर किया।

इससे पहले 12 सितंबर को टीम ने रायसन से बंदरोल और बबेली से बाशिंग तक ट्रैक जांचा था। बता दें कि बरसात में ब्यास में आई बाढ़ के बाद नदी में काफी मलबा जमा हो गया था। इसके साथ ही कुछ जगहों पर नदी का ट्रैक भी बदल गया है।

नदी के बीच बड़े-बड़े पत्थर भी हैं, लेकिन तकनीकी टीम की जांच में नदी में राफ्टिंग शुरू करने को लेकर किसी तरह की दिक्कत सामने नहीं आई है।

राफ्टिंग शुरू होने से करीब 5,000 युवाओं को एक बार फिर से रोजगार मिल जाएगा। 15 जुलाई से लेकर 15 सितंबर बरसात के चलते जिले में साहसिक गतिविधियां बंद कर दी गई थीं। अब दो महीने बाद राफ्टिंग शुरू होने से पर्यटन कारोबार में तेजी आएगी।

अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली के निदेशक अविनाश नेगी ने बताया कि बुधवार को पिरड़ी से लेकर झीड़ी तक ब्यास नदी में राफ्टिंग ट्रैक का निरीक्षण तकनीकी टीम ने किया। जांच के दौरान राफ्टिंग के लिए ट्रैक सही पाया गया है। अब 16 सितंबर से नदी में राफ्टिंग शुरू करवाई जाएगी।

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