
कांगड़ा- राजीव जसवाल
कांगड़ा के नंदरूल गांव के साथ लगते जयंती माता मंदिर में पांच दिनों तक चलने वाले पंच भीष्म मेलों के दौरान आखिरी दिन लगभग 10 हजार लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
इस दौरान जयंती माता मंदिर के दरवाजे दर्शनों के लिए सुबह पांच बजे ही खोल दिए गए थे। सुबह से ही लोगों की काफी भीड़ देखने को मिली, जो दोपहर तक लगी रही। लोगों ने लाइनों में लगकर अपनी बारी का इंतजार किया व माता के दर्शन किए।
मंदिर में मौजूद पुजारी सन्नी शर्मा द्वारा बताया गया की हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दूर-दूर से आए लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। करीब 3 किलोमीटर का पैदल मार्ग तय करके लोगों ने मंदिर में पहुंच कर दर्शन किए।
वैसे तो वर्ष भर मंदिर में लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन दीपावली के 10 दिन बाद शुरू होने वाले पंच भीष्म मेलों के दौरान भारी संख्या में लोग अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते हैं व माता के दर्शन करते हैं।
इसी के साथ 5 दिनों तक लगातार अखंड माता की ज्योति भी यहां जलाई जाती है। कहा जाता है कि इस मंदिर को प्राचीन काल में पांडवों द्वारा बनवाया गया था।
पंच भीष्म मेलों के दौरान यहां पुलिस की भी यहां व्यवस्था रहती है, जिससे लोगों को यहां तक पहुंचने में सुविधा होती है। पुलिस द्वारा बेहतरीन व्यवस्था इस बार भी देखने को मिली।
