पंचायत घर नहीं, ‘मिनी सचिवालय’, जिला कांगड़ा में चार पंचायतें मिनी सचिवालय बनाने को चयनित

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पंचायतों में अब एक छत के नीचे होगा पटवारखाना, चिकित्सालय, लोकमित्र केंद्र व पंचायत के संबंधित कार्यालय, एक करोड़ 14 लाख के बजट से होगा निर्माण, एक कनाल भूमि जरूरी

हिमखबर डेस्क                       

अब राज्य में पंचायत घर की जगह ग्रामीण संसद के मिनी सचिवालय का निर्माण एक करोड़ 14 लाख के बजट से किया जाएगा। इसमें पंचायतों के लिए एक कनाल भूमि होना अनिवार्य किया गया है। इसमें अब पंचायत घर की बजाय सामुदायिक केंद्र के नाम से भवन बनाए जाएंगे।

इसमें एक छत के नीचे ही पंचायत प्रतिनिधियों, सचिवों के साथ-साथ पटवारखाना, हैल्थ सेंटर, पशु चिकित्सालय, लोकमित्र केंद्र, मिनी बैंक, पुस्तकालय सहित पंचायत के संबंधित सभी कार्यालय बनाए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को अपने सामुदायिक भवन जाने से ही सभी प्रकार के कार्य आसानी से हो सकेंगे।

इसके लिए पहले चरण में राज्य में अन्य स्थानों संग कांगड़ा में चार पंचायतों को मिनी सचिवालय बनाने के लिए चयनित कर नोटिफाई भी कर दिया गया है। इसमें देहरा ब्लॉक की बदौली, रैत की राबा खड़ीबेही व फ्लौथा व नगरोटा सूरियां की पद्दर के नाम शामिल हैं। इनमें अब प्रदेश सरकार सहित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान केंद्र सरकार की ओर से भी बजट मिलने की सहमति पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश में अब पंचायत भवन अब नाम बदलकर सामुदायिक केंद्र संबंधित पंचायत का नाम के निर्माण के लिए एक करोड़ 14 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है, ताकि एक छत के नीचे पंचायत कार्यालय, बैठक कक्ष, ग्रामीण कोर्ट, पटवारखाना, हैल्थ सेंटर, लोकमित्र केंद्र, पशु चिकित्सालय पुस्तकालय के साथ-साथ दूसरे विभागों से जुड़े कार्य अथवा गतिविधियों के लिए समुचित व्यवस्था हो सके।

इसके अलावा प्रत्येक पंचायत में आधुनिक पुस्तकालय की भी स्थापना की जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अध्ययन करने के लिए शहरी इलाकों की ओर भागने के लिए मजबूर न होना पड़े। उक्त सामुदायिक केंद्र मिनी संसद के मिनी सचिवालय के रूप में कार्य करेंगे, ताकि संबंधित पंचायत के लोगों को अपनी पंचायत में ही सभी कार्यों को करवाने की सुविधा मिल सके।

जिला पंचायत अधिकारी कांगड़ा श्रवण कुमार के बोल

उधर, जिला पंचायत अधिकारी कांगड़ा श्रवण कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत एक कनाल भूमि होने पर एक करोड़ 14 लाख के बजट से सामुदायिक भवन पंचायत बनाई जाएगी। इसको लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, इसके बनने पर सभी सुविधाएं एक छत के नीचे मिलेंगी।

योजना के लिए येे पंचायतें पात्र होंगी

आरंभिक तौर पर प्रदेश में नई बनी पंचायतों, जिनके भवन नहीं है, उन्हें इस योजना में शामिल किया जा रहा है। आमतौर पर सामुदायिक केंद्र निर्माण के लिए 33 लाख रुपए का बजट प्रदान किया जाता है, जिसमें भी लोकमित्र केंद्र खोले जाना अनिवार्य है, परंतु अब नए बनने वाले पंचायत घरों में सभी प्रकार की सुविधाएं हासिल होंगी।

इस संबंध में सभी जिलों के पंचायत अधिकारियों व प्रतिनिधियों को भी ज़मीन तलाशने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सुचारू रूप से चल रहे भवनों के अलावा अति जर्जर हालत में पहुंच चुके पंचायत घरों को भी इस योजना के तहत ज़मीन होने पर आवेदन करने का मौका दिया जा रहा है।

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