
शाहपुर – नितिश पठानियां
उपमंडल शाहपुर के नेरटी स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर में कहानीकारों ने अपनी कहानियों के माध्यम से समकालीन हिमाचली परिवेश का स्वरूप व्यक्त किया। इस मोके पर प्रोफेसर अभ्युदिता गौतम ने भी अपनी कहानी ए हाउस नियर द वाटरफाल पढ़कर सुनाई।
वहीं, साहित्यकार एवं लेखक कपिल मेहरा ने कहानी मुर्गी की कलह के माध्यम से ग्रामीण परिवेश की स्थिति बयां की। कपिल मेहरा ने प्रसिद्ध साहित्यकार एवं लेखक व कवि राकेश पत्थरिया की कहानी देवता का सेवादार भी पढ़कर सुनाई।
कार्यक्रम आयोजक एवं अंग्रेजी व हिंदी के साहित्यकार पंकज दर्शी ने अपनी कहानी द पटवारीज सेफ पढ़कर सुनाई। इसके साथ ही मंच संचालक प्रतिभा शर्मा ने अपने पिता नवीन हल्दूणवी की कहानी पढ़कर सुनाई जिसमें विस्थापन का दर्द बयां किया और इसके प्रभाव पर भी मंथन किया।
प्रतिभा शर्मा ने अपनी कहानी जीवन पथ पर आगे बढ़ना भी सुनाई, जिसमें दादा-दादी की कहानियों का जिक्र भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार एवं लेखक त्रिलोक मेहरा ने की। उनके साथ प्रसिद्ध साहित्यकार रमेश चंद्र मस्ताना ने बतौर समीक्षक इन कहानियों के अहम बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में विशेष तौर पर आमंत्रित प्रसिद्ध साहित्यकार गौतम शर्मा व्यथित की ओर से कहानी विषय पर अहम जानकारी देकर कहानीकारों का ज्ञान बढ़ाया।
इस मौके पर साहित्यकार एवं कवि दुर्गेश नंदन एवं फिल्म निर्माता एवं निर्देशक एकल्व्य सेन ने भी काव्य वर्षा की कहानियों पर बनाई जा रही फिल्मों के संदर्भ में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कहानी का स्वरूप अगर सही हो तो उस पर फिल्म भी बनाई जा सकती है। किसी फिल्म के लिए एक अच्छी कहानी का होना बहुत जरूरी है।
