
नूरपुर – देवांश राजपूत
नूरपुर क्षेत्र में खैर के पेड़ों के हो रहे अंधाधुंध अवैध कटान के लिए वन मंत्री राकेश पठानिया जिम्मेवार हैं। मंत्री की अपने ही क्षेत्र में पकड़ कमजोर है। जिसके कारण नूरपुर में वन संपदा की लूट मची हुई है। नूरपुर में मंत्री नहीं बल्कि जंगल राज चल रहा है।
यह आरोप जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं नूरपुर के पूर्व विधायक अजय महाजन ने बुधवार को राजा का बाग में आयोजित पत्रकार वार्ता में लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पावरफुल मंत्री होने का दम भरने वाले पठानिया अपने हल्के में वन माफिया पर अपनी पावर क्यों आजमा नहीं पा रहे। आखिर मंत्री की ऐसी क्या ऐसी मजबूरी है कि अवैध कटान पर खामोश है।
महाजन ने कहा कि नूरपुर वन मंडल आइएफएस काडर का डिवीजन है लेकिन आजकल वन विभाग के एक डीएफओ को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। महाजन ने कहा कि जब पठानिया वन मंत्री बने थे तो सरकार ने नूरपुर में तैनात एक ईमानदार अधिकारी एसीएफ का स्थानांतरण कर दिया था, आज दिन तक उस रिक्त पद को भरा नहीं गया है।
बेकसूर कर्मचारियों पर गाज, खास अधिकारियों को इनाम
महाजन ने आरोप लगाते हुए कहा कि इंदौरा में कुछ समय पहले कुछेक पेड़ो का अवैध कटान हुआ था तो वीओ सहित 5 कर्मचारी सस्पेंड कर दिए गए थे जबकि पठानिया के अपने ही होम डिवीजन मिंजग्रा में सैकड़ोंपेड़ो को सरेआम अवैध रूप से काट दिया गया लेकिन इतनी बड़ी घटना के बाद एक गार्ड और सेवानिवृत्त वीओ पर गाज गिरी जबकि जिम्मेदार अधिकारियों को बख्श दिया गया। महाजन ने कहा कि बेकसूर कर्मचारियों को प्रताड़ित कर अपने खास कर्मचारियों अधिकारियों को इनाम दिए जा रहे है।
महाजन ने आरोप लगाया कि पठानिया के एक खास रेंज अधिकारी को तीन उपमंडलों इंदौरा, जवाली नूरपुर का प्रभार दिया गया है। महाजन ने कहा कि वन माफिया मिलीभगत से जंगल में राज कर रहा है। नूरपुर के इतिहास में पहली बार हुआ कि भारी संख्या में खैर के पेड़ों को अवैध रूप से जड़ सहित उखाड़ दिया गया हो।
महाजन ने कहा कि पेड़ो को जड़ो से उखाड़ने के बाद अब माफिया सबूत मिटाने के लिए वनों में आग लगा रहा है जिससे जंगल की अमूल्य संपदा का भारी नुकसान हो रहा है। महाजन ने सरकार से मांग की है कि नूरपुर के जंगलों में अवैध कटान के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की जाए और जो लोग कसूरवार है उन पर कड़ी कार्यवाही की जाए।
लोगों को मूर्ख बनाने के लिए वनों में चला रहे जेसीबी
महाजन ने कहा कि वन मंत्री लोगों को मूर्ख बनाने के वन परिक्षेत्र में रास्ते बनाने लिए जेसीवी भेज रहे है ताकि लोगों को यह दर्शा सके कि उनकी सड़कें बन रही हैं जबकि उक्त सड़कों के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृत ही नहीं किया गया है। नूरपुर के इतिहास में पहली बार कोई वन रक्षक नहीं किया भर्ती।
महाजन ने कहा कि नूरपुर में वन मंत्रालय मिलने का नूरपुर को कोई लाभ नहीं मिल सका, उल्टा जंगलों के नाश हुआ है। महाजन ने कहा कि नूरपुर के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि वन मंत्री के हल्के में एक भी वन रक्षक की भर्ती नहीं की गई है।
इस अवसर पर कांग्रेस नेता कैप्टन हरनाम सिंह , अंकुश शर्मा भी मौजूद रहे ।
