
डमटाल के लोधवांटिप्परी में लगा स्टोन क्रेशर जो विभागीय कागजों में पिछले दो वर्षों से बंद पड़ा है। बावजूद इसके क्रशर संचालक लगातार अपने प्लांट को लगातार चलाकर मोटी कमाई कर हिमाचल के राजस्व को करोड़ों रुपये की चपत लगा रहा है।
नूरपुर- देवांश राजपूत
नूरपुर जान में अंतर्गत आते डमटाल के लोधवांटिप्परी में लगा स्टोन क्रशर जो विभागीय कागजों में पिछले दो वर्षों से बंद पड़ा है। बावजूद इसके क्रशर संचालक लगातार अपने प्लांट को लगातार चलाकर मोटी कमाई कर हिमाचल के राजस्व को करोड़ों रुपये की चपत लगा रहा है। लोधवां गांव में लगा स्टोन क्रशर जिसकी खनन विभाग द्वारा लीज और मान्यता रद्द कर दी गई है।
विद्युत विभाग को प्लांट पर लगे विद्युत कनेक्शन को काटने के लिए लिखित में दिया गया था क्योंकि क्रेशर संचालकों द्वारा प्लांट चलाने के लिए जरूरी औपचारिकता पूरी नहीं की गई थी। इसके बाद विभाग ने क्रशर प्लांट की लीज रद्द कर प्लांट को बंद करने के आदेश जारी किए थे और विद्युत सप्लाई भी काट दी थी। क्रशर संचालक बंद पड़े क्रशर को बिजली चोरी करते हुए अवैध खनन को अंजाम देकर क्रशर चला रहा है।
रोजाना प्लांट से निकलने वाले दर्जनों रेत बजरी से भरे ओवरलोड मल्टी एक्सल वाहनों की कतारें खनन, विद्युत विभाग व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को नहीं दिख रही। जिससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासन की मिलीभगत से अवैध रूप से क्रशर प्लांट को चलाया जा रहा है।
बोले पुनीत गुलेरिया, रद्द है प्लांट की लीज
जब इस विषय पर राज्य भूवैज्ञानिक पुनीत गुलेरिया से बात हुई तो उन्होंने बताया कि लोधवां में लगे क्रशर प्लांट की लीज को विभाग ने रद्द किया हुआ है तथा विद्युत सप्लाई भी काटी हुई है क्रेशर के चलने की शिकायत मिली है इसके लिए जिला कांगड़ा खनन विभाग से संबंधित रिपोर्ट विभाग को प्रेषित करने को कहा है आरोप सिद्ध होने पर बनती कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विद्युत विभाग के चीफ इंजीनियर बोले काटी है क्रशर की विद्युत सप्लाई
जब इस विषय पर चीफ इंजीनियर विद्युत विभाग धर्मशाला संजय दीवान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि क्रशर की सप्लाई काटी गई है। इसके बावजूद यदि क्रशर संचालक बिजली की चोरी कर प्लांट को चला रहा है तो निश्चित तौर पर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
