
मनाली – व्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश का मनाली पर्यटकों की पंसदीदा जगहों में से भी एक है. हर साल यहां पर लाखों की संख्या में पर्यटक देश-विदेश से घूमने आते हैं. हालांकि, दिन और दिन बढती जा रही सैलानियों की संख्या के आगे अब मनाली भी छोटी पड़ने लगी है.
मनाली में ट्रैफिक जाम और मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते पर्यटकों और स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. मनाली के आसपास के क्षेत्रों में भी मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण सैलानियों से लेकर लोगों को समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है.
मनाली के टूरिस्ट प्वाइंट पर शौचालय व्यवस्था ना के बराबर है. साथ ही मनाली में पार्किंग ना होने के चलते भी आम लोगों से लेकर टूरिस्ट परेशान रहेत हैं. इस वजह से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मजबूरन वाहनों को सड़क किनारे पार्क करना पड़ा था औऱ इस वजह से जाम लगता है.
मनाली के सोलंगनाला में 12 महीने पर्यटकों का तांता लगा रहता है, लेकिन यहां पर ना तो पार्किंग है और ना शौचालय की व्यवस्था है. सोलंगनाला में पार्किंग की उचित की व्यवस्था न होने के कारण सड़कों पर वाहनों के लगने से कई किलोमीटर लम्बा जाम लगता है.
मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ का कहना है कि यहां पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. जल्द ही मनाली के पर्यटन स्थलों में पर्यटकों को मूलभूत सुविधाएं उपल्बध करवाई जाएंगी.
इसके अलावा, मनाली में वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर भी खासी दिक्कत है. होटलों से निकलने वाले कूड़े को डंप करने में भी दिक्कत है. ब्यास किनारे इस कूड़े के ढेर देखे जा सकते हैं.
गौरतलब है कि मनाली में न्यू ईयर और बर्फबारी के सीजन में बड़ी संख्या में सैलानी यहां पहुंचते हैं. मनाली विदेशी सैलानियों की भी पहली पसंद है.
