सिरमौर – नरेश कुमार राधे
हिमाचल प्रदेश का नाहन शहर सोमवार सुबह से शोक की लहर में डूबा हुआ है। शहर के 24 वर्षीय दिव्यांश बिश्नोई ने अचानक ही अहमदाबाद में संसार त्याग दिया। दिव्यांश ने 6 जून को अहमदाबाद में ही अपना करियर शुरू किया था। बीती रात पिता से बात भी की थी।
दिवंगत दिव्यांश “कुकु” की माता शालू परमार बिश्नोई मंडलाह स्कूल में मुख्याध्यापिका हैं, वहीं पिता आकाश बिश्नोई डिग्री कॉलेज ददाहू में अधीक्षक के पद पर सेवारत हैं। बेटे के अचानक चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
नाहन में कैरियर अकडेमी से दिव्यांश ने प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। इसके बाद चेन्नई से बीटेक करने के बाद पुणे से एमबीए की पढ़ाई की थी। 6 जून को अहमदाबाद में एक प्रतिष्ठित कंपनी में पहली नौकरी शुरू की थी। उनका असमय निधन सभी के लिए अकल्पनीय और दुखद है।
दिव्यांश की पार्थिव देह को सड़क मार्ग से अहमदाबाद से नाहन लाया जा रहा है। संभावना है कि कल शाम तक उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अहमदाबाद से नाहन तक सड़क मार्ग से पहुंचने में 18 से 20 घंटे का समय लग सकता है।
दिव्यांश की असमय मृत्यु ने उनके परिवार और दोस्तों को गहरे सदमे में डाल दिया है। उनकी यादें और उनके साथ बिताए गए पल हमेशा सभी के दिलों में जीवित रहेंगे। पूरा शहर दिव्यांश के परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कर रहा है।
परिवार ने कहा, “दिव्यांश हमारे परिवार का गर्व था। उसकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता।” दिवंगत दिव्यांश बिश्नोई के नाना प्रोफेसर (सेवानिवृत) अभय सिंह परमार शिक्षाविद रहे।

