23 अप्रैल को चुनाव आयोग को ज्ञापन तथा 31 मई तंबाकू निषेध व 28 जून को एंटी ड्रग्स डे मनाने का लिया फ़ैसला, मंडी में आयोजित कार्यशाला में बनी योजना
मंडी – अजय सूर्या
हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति ने नशे के राज्यव्यापी अभियान चलाने के लिए योजना तैयार की है।जिसके लिए साक्षरता भवन मंडी में नशे के कारणों, दुष्प्रभावों और रोकथाम के उपायों बारे दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन 21 और 22 अप्रैल को किया गया।
कार्यशाला में के 75 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया। ज्ञान विज्ञान समिति ने जिला बाल सरंक्षण इकाई मंडी, गुंजन संस्था कांगड़ा, साक्षरता समिति मंडी और राज्य संसधान केंद्र शिमला के सहयोग से यह कार्यशाला आयोजित की गई ।
कार्यशाला का शुभारंभ मंडी जन विकास एवं साक्षरता समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और नगर निगम मंडी नेला वार्ड के पार्षद राजेंद्र मोहन ने किया। उन्होंने कहा की नशा आज समाज के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है और सबके सामूहिक प्रयासों से ही इस पर विजय प्राप्त की जा सकती है।
गुंजन संस्था के स्त्रोत व्यक्ति विजय ने नशे के कारणों,दुष्प्रभावों और बचाव के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी रखी। जिला बाल सरंक्षण अधिकारी मंडी एन. आर. ठाकुर ने प्रतिभागियों को नशे के खतरों,काउंसलिंग और मैनेजमेंट के तरीकों बारे चर्चा की।
उन्होंने नशा व किशोरावस्था,बच्चों का यौन उत्पीडन और पॉक्सो एक्ट तथा 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की शादी की रोकथाम में स्वयंसेवी संस्थाओं की भूमिका और पौष्टिक भोजन पर भी प्रकाश डाला। हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के राज्य सचिव सत्यावान पुंडीर ने कहा की नशे को लेकर हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति बड़े पैमाने पर जन अभियान चला रही है जिसके लिए समिति को सरकार, सभी विभागों,समाज के सारे तबकों के कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संगठनो का सहयोग अपेक्षित है।
उन्होंने समिति द्वारा संचालित रणनीति पर प्रकाश डाला तथा प्रतिभागियों से अभियान को सफल बनाने और ग्रामीण स्तर पर सर्वेक्षण करने की भी कार्याशाला को मंडी जन विकास एवं साक्षरता समिति के महासचिव भीमसिंह ने कहा कि समिति 1050 पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
जिसके तहत चयनित ग्राम पंचायतों व गांवों में सर्वेक्षण किया जाएगा। समिति ग्राम पंचायतों, महिला मण्डलों, स्वयं सहायता समूहों,प्रशासन, सामाजिक संगठनो, विशेषज्ञों औऱ पुलिस प्रशासन का सहयोग लेगी। समिति के कार्यकर्ता डॉक्टर विजय विशाल, जोगेंद्र वालिया,भूपेंद्र सिंह और ललित शर्मा आदि ने भी संबोधित करते हुए कहा कि नशे की रोकथाम और समाज को इस चुनौती से निपटने हेतु कारगर उपाय अपनाने की जरूरत है।
कार्यशाला में अगले तीन महीने का एक्शन प्लान भी तैयार किया जिसके तहत 23 अप्रैल को उपायुक्त के माध्य्म से निर्वाचन आयोग को वर्तमान लोकसभा चुनावों में नशे के प्रयोग को रोकने बारे ज्ञापन दिया जायेगा। उसके बाद मई माह में खण्ड स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएगी और 31 मई तंबाकू निषेध दिवस से सर्वक्षण शुरू किया जायेगा और 28 जून को नशीली दवा निषेध दिवस पर खण्ड स्तर पर नशा भगाओ-युवा बचाओ-भविष्य बचाओ रैलियां आयोजित की जायेंगी।
कार्यशाला में ये भी निर्णय लिया गया कि नशा मुक्ति के लिए किसी एक व्यक्ति, परिवार, समुदाय, विभाग को ही जिम्मेदाराने के बजाये इसे एक सामाजिक मुद्दा बना कर सभी प्रकार के स्टेकहोल्डर्स को एकजुट होकर लम्बी नशे की सप्लाई चेन को रोकने के साथ साथ इसकी मांग को कम व समाप्त करना होगा जो समाज की भागीदारी से ही संभव है।

