
धर्मशाला – राजीव जस्वाल
नशा तस्करी के चार दोषियों को 11 साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई गई है। यह सजा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मशाला नरेश कुमार की अदालत ने सुनाई है।
जिला न्यायवादी भुवनेश मन्हास ने बताया कि आरोपी सिद्धांत ठाकुर उर्फ कन्नू निवासी भटेच्छ शाहपुर, रजत गोस्वामी उर्फ बाबा निवासी प्रेई शाहपुर, अभिशांत उर्फ नंदू निवासी द्रम्मण शाहपुर व स्मृद्धि बेदी निवासी चैतडू पुलिस की नाकेबंदी के दौरान पकड़े गए थे।
पुलिस अपनी गश्त के दौरान भद्ररोहा नाका से करीब 100 से 150 मीटर दूरी पर एक गाड़ी को कंडवाल की तरफ खड़े पाया। उन्हें देखकर ड्राइविंग सीट के साथ बैठी लड़की ने ड्राइविंग सीट की तरफ कुछ फेंका।
शक होने से उनकी तलाशी ली गई। इन चारों कार सवारों से पुलिस को कोई संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। तीन लड़कों के साथ एक लड़की का होना संदेहजनक पाया गया। जब तलाशी ली गई तो एक सफेद रंग के लिफाफे में भूरे रंग का नशीला पदार्थ 8.38 ग्राम हैरोइन बरामद हुई।
मौके के गवाह राजीव कुमार व अजय पठानिया के सामने गाड़ी व सवारों की तलाशी ली गई। गाड़ी की तलाशी लेने पर गाड़ी की सीट के नीचे काले रंग का एक और वजनदार लिफाफा गांठ लगा पाया गया। इसके अंदर रेड कलर के 1108 नशीले कैप्सूल पाए गए।
अदालत में पेश किए 21 गवाह
पुलिस थाना डमटाल के तहत इन चारों के खिलाफ एनडीपीएस का मामला दर्ज किया गया। विशेष न्यायाधीश-2 नरेश ठाकुर की अदालत में चले इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी अतिरिक्त जिला न्यायवादी एलएम शर्मा ने की।
न्यायालय में कुल 21 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपितों के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर चारों दोषियों को 11-11 साल का कठोर कारावास व डेढ़-डेढ़ लाख रुपए जुर्माना लगाया है।
बयानों से बदले 3 गवाहों पर होगी कार्रवाई
अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गवाहों में 3 गवाह राजीव व अजय पठानिया निवासी भदरोआ तथा संगम कुमार निवासी टुंडू शाहपुर अपने बयानों से मुकर गए। बाद में यह न्यायालय में साबित हो गया कि गवाह मामले में अपने बयानों से मुकरे हैं। इस पर न्यायाधीश नरेश ठाकुर ने इन तीनों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं।
