नगर परिषद ज्वालामुखी ने पार्किंग से पैसा कमाने के लिए फुटपाथ पर बना दिए टैक्सी व आटो स्टैंड

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ज्वालामुखी- शीतल शर्मा

धार्मिक श्रद्धा के कारण देश दुनिया में प्रसिद्ध शक्तिपीठ जवालामुखी में हर साल लाखों की तादाद में देश के कोने कोने से श्रद्धालुओं के आने जाने का सिलसिला रहता है। लेकिन नगर परिषद ज्वालामुखी तथा मंदिर न्यास आज दिन तक लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिए फुटपाथों तक का प्रबंध नहीं कर पाया है।

शिमला मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग ज्वालामुखी के बस अड्डा से लेकर मंदिर मार्ग नंबर चार तक पूरी तरह सिकुड़ चुका है। यहां कभी मंदिर मार्ग नंबर दो से बस अड्डा तक पैदल चलने वाले लोगों के लिए फुटपाथ हुआ करता था। लेकिन दुर्भाग्य की नगर परिषद ने ही फुटपाथ को हटाकर अस्थायी टैक्सी स्टैंड तथा आटो स्टैंड बना रखा है। हालत यह है कि बेहद भीड़भाड़ वाले इस क्षेत्र में स्थानीय तथा बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालु राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी यातायात के बीच चलने को मजबूर हैं।

जबकि फ़ूटपाथ की जगह टैक्सी तथा ऑटो खड़े किए गए हैं। यही नहीं सड़क के दूसरे छोर पर बनाये गए फुटपाथ पर वर्षों से सब्जी की दुकानें सजी हैं। क्योंकि शॉपिंग कांप्लेक्स की योजनायें बजट होने के बावजूद जमीन पर नहीं उतर रहीं हैं। दुकानदार चाहते हैं कि सड़क से पीछे हटाकर उनके लिए बढ़िया पक्की दुकानें बना दीं जाएं तो फुटपाथ पर लोग चल सकेंगे। लेकिन न तो नगर परिषद कदम उठाती है ना ही प्रशासन ताकि दुकानदारों के साथ स्थानीय तथा श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित होकर सड़क के छोर पर चलने का मौका मिक सके।

फुटपाथ न होने से हो चुके हैं हादसे

ज्वालामुखी में बस अड्डा के समीप का लगभग 400 मीटर हिस्सा बेहद व्यस्त रहता है.बाहनों की भीड़ के साथ साथ हजारों की भीड़ मंदिर के लिए जाती है। लोग ठहरने के लिए कमरों की व्यवस्था के लिए भी अधिकतर इसी क्षेत्र से गुजरते हैं। फुटपाथ ना होने की बजह से लोग सड़क से गुजरते हुए कई बार हादसों का शिकार हो चुके हैं. अभी दो माह पहले ही सड़क पर चलने रहे एक युवक को तेज गति के बाइक सवार से टक्कर मारकर लहूलुहान किया था।

जबकि कई बुजुर्ग भी फुटपाथ की कमी के कारण सड़क पर चलते चलते बाहनों की चपत मैं आकर घायल हुए हैं। लोगों के फुटपाथों पर प्रशासन तथा निकायों की नजरअंदाजगी कब जानलेवा बन जाये कोई भरोसा नहीं। लेकिन मन्दिर में सालाना चढ़ने वाला करोड़ों का चढ़ावा तथा निकायों के लिए सरकार की तरफ से दिया जाने वाला बजट लोगों को सुरक्षित चलने के लिए सहायक नहीं हो रहा है।

कहां से कहां तक था फुटपाथ

ज्वालामुखी में मंदिर मार्ग नंबर चार के मध्य से लेकर मिनी सचिवालय तक किसी समय में फुटपाथ की जगह थी। लेकिन सड़क के दोनों तरफ कहीं टैक्सी स्टैंड कहीं ऑटो स्टैंड बना दिये जाने के कारण अब यह नजर नहीं आता। विचारणीय तो यह है कि फुटपाथ के माध्यम से नगर परिषद कई जगह कमाई कर रही है। जबकि राहगीरों की सुरक्षा राम भरोसे है।

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