
काँगड़ा, राजीव जस्वाल
धार्मिक नगरी कांगड़ा में शौचालयों के अभाव में आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर बाहर से खरीदारी के लिए आने वाली महिला ग्राहकों को दिक्कत होती है। करीब 9500 की आबादी वाले कांगड़ा शहर में पहले सात सार्वजनिक व सुलभ शौचालय बने थे। इनमें से तीन को गिराकर नए सिरे से दो आधुनिक तकनीक के शौचालयों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी चमन कपूर के अनुसार, निर्माणाधीन दोनों शौचालय पर 20 लाख रुपये अनुमानित लागत की संभावना है। कांगड़ा के मुख्य मार्ग पर सिविल अस्पताल के नजदीक पुलिया किनारे शौचालय, नगर परिषद कार्यालय, श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर के नजदीक तथा स्वर्ग आश्रम के पास नगर परिषद के तहत बनाए चार शौचालय लोगों के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं।
तहसील चौक में बने पुरुष शौचालय का बदबू के कारण लोग कम ही इस्तेमाल करते हैं। बेशक राजपूत सभा परिसर तथा संयुक्त कार्यालय परिसर में भी शौचालय बने हैं, लेकिन उनका लाभ वहां पहुंचने वाले लोगों को ही मिल पाता है। इस सुविधा से आम जनता वंचित रह जाती है। नगर परिषद मैदान तथा मुख्य बाजार में पुलिस थाना के नजदीक स्थापित शौचालय दोबारा से बनाए जा रहे हैं और इससे यह समस्या विकराल हो गई है।
डूंगा बाजार में सार्वजनिक शौचालय के स्थान पर सड़क का निर्माण हो चुका है। नगर परिषद मैदान में शौचालय की इमारत बन चुकी है पर सेनेटरी फिटिग का काम होना बाकी है और इस कारण लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
रेणु शर्मा, अध्यक्ष नगर परिषद कांगड़ा के बोल
कांगड़ा में आधुनिक तकनीक से दो शौचालयों का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। काम पूरा होते ही दोनों शौचालय जनता को समर्पित कर दिए जाएंगे।
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