कचहरी चौक पर पुतला जलाने पहुंचे विजयकर्ण के समर्थक, सामने डटे सुधीर शर्मा के स्पोटर्ज
हिमखबर डेस्क
प्रदेश में हुए हाल के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद गुरुवार को प्रदेश की दूसरी राजधानी धर्मशाला में सियासी उबाल का माहौल रहा। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले कांगे्रस के छह विधायकों में से एक सुधीर शर्मा को लेकर धर्मशाला में राजनीतिक पारा काफी गर्म रहा।
पूर्व में धर्मशाला से विधानसभा का उपचुनाव लड़ चुके विजयकर्ण के नेतृत्व में सुधीर शर्मा के विरोध में कचहरी चौक पर नारेबाजी करते हुए पुतला जलाने का प्रयास किया गया। इसी बीच विजयकर्ण समर्थकों एवं सुधीर समर्थकों के बीच हाथापाई भी हुई।
कांगे्रस पार्टी का सीएम सुक्खू सर्मथक एक गुट उनका पुतला फूंकने के लिए जैसे ही कचहरी चौक पर पहुंचा, तो वहीं सुधीर शर्मा के समर्थक भी वहां पहुंच गए। इस दौरान दोनों गुटों की ओर से नारेबाजी शुरू हो गई।
सुधीर शर्मा के समर्थक जहां दूसरे गुट के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, वहीं दूसरा गुट सुधीर शर्मा के खिलाफ नारेबाजी कर रहा था। दोनों तरफ से जोरदार नारेबाजी के बीच कुछ देर के लिए माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि उनके बीच हाथापाई भी हो गई। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस बल ने दोनों गुटों को कड़ी मशक्कत से अलग करवाया।
इसके बावजूद कचहरी चौक में करीब एक घंटे से अधिक समय तक दोनों ओर से नारेबाजी होती रही। इस बीच दूसरे गुट ने सुधीर शर्मा का पुतला जलाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पुतले को समय रहते छुड़ा लिया।
इसके बाद में भी काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। हांलाकि पुलिस ने गहमागहमी वाले माहौल को ज्यादा बिगडऩे नहीं दिया और बाद में दोनों गुट वहां से चल दिए।
सुधीर को कभी माफ नहीं करेगी धर्मशाला की जनता
कांगे्रस नेता विजयकर्ण ने कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से पार्टी से खिलाफत करने वाले नेताओं को पुतला फूंकने के लिए कचहरी चौक पर पहुंचे थे, लेकिन सुधीर शर्मा के समर्थक, जो कि पार्टी के कार्यकर्ता भी नही हैं, यहां आकर माहौल को बिगाडऩे का काम करने लगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब से सुधीर शर्मा धर्मशाला आए हैं, यहां गुडांराज बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सुधीर शर्मा ने धर्मशाला की जनता के साथ धोखा किया है, जिस जनता ने उन्हें यहां से कांग्रेस पार्टी के टिकट पर दो बार जीताकर विधानसभा भेजा, उसी जनता और पार्टी के साथ खिलाफत कर भाजपा का साथ दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे नेता को धर्मशाला की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
दूसरे गुट पर माहौल खराब करने का आरोप
दूसरी ओर सुधीर शर्मा के समर्थकों व युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अश्वनी राणा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने अपने नेता का पक्ष लेते हुए कहा कि उनके साथ पार्टी ने भेदभाव किया है, जो पद और सम्मान उन्हें मिलना चाहिए था, वह नहीं दिया गया, जिस कारण वह काफी निराश में थे। उन्होंने जो भी फैसला लिया है, धर्मशाला की जनता के हित में लिया है और वह उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने दूसरे गुट पर माहौल खराब करने का भी आरोप लगाया।

