
अब ट्रैकर्स कांगड़ा घाटी के धौलाधार की पहाड़ियों पर स्थित इंद्रहार पास और आदि हिमानी चामुंडा का नजदीक से दीदार नहीं कर पाएंगे। इसकी वजह जिला प्रशासन की ओर से 3000 मीटर की ऊंचाई से ऊपर के पर्वतीय क्षेत्र को ट्रैकिंग के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।
धर्मशाला- राजीव जस्वाल
अब ट्रैकर्स कांगड़ा घाटी के धौलाधार की पहाड़ियों पर स्थित इंद्रहार पास और आदि हिमानी चामुंडा का नजदीक से दीदार नहीं कर पाएंगे। इसकी वजह जिला प्रशासन की ओर से 3000 मीटर की ऊंचाई से ऊपर के पर्वतीय क्षेत्र को ट्रैकिंग के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।
जिला कांगड़ा में अब इंद्रहार पास, हिमानी चामुंडा व थमसर पास के अलावा त्रियुंड व बिलिंग में ट्रैकिंग का लुत्फ अवश्य ट्रैकर्स ले पाएंगे, क्योंकि ये पर्यटन स्थल प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर हैं। स्नो लाइन इंद्रहार पास की ऊंचाई 3350 मीटर जबकि हिमानी चामुंडा की ऊंचाई 3185 मीटर है।
हिमाचल के लाहुल स्पीति और किन्नौर जिले में ट्रैकर्स के साथ पेश आई दुर्घटनाओं के बाद जिला दंडाधिकारी कांगड़ा ने आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 की धारा 34 के तहत आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेशों के बाद यदि कोई पर्यटक ट्रैकिंग के लिए जिला में तीन हजार मीटर से ऊपर के पर्वतीय क्षेत्र में पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 की धारा 51 व 60 के तहत कानूनी कार्रवाई होगी। जिला कांगड़ा में धौलाधार की पहाड़ियों पर स्थित प्रमुख पर्यटन स्थलों त्रियुंड और बिलिंग में ट्रैकिंग का लुत्फ अभी भी ले पाएंगे। हालांकि इससे ऊपरी क्षेत्र में ट्रैकर्स नहीं जा पाएंगे।
इस कारण लगाई रोक
दरअसल, हिमाचल प्रदेश में सर्दी के मौसम ने दस्तक दे दी है। अब कभी भी पहाड़ाें पर भारी बर्फबारी का दौर शुरू हो जाएगा। बीते दिनों धौलाधार रेंज में इतनी बर्फ नहीं गिरी है। लेकिन अब नवंबर में यहां भारी बर्फबारी की संभावना बढ़ जाती है। इस कारण इन पर्वतीय क्षेत्रों की सैर पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। इन दिनों हिमाचल में तापमान लगातार लुढ़क रहा है, इस कारण ऊंचाई वाले स्थानों पर पानी भी जमने लगा है।
स्नो लाइन के साथ ये हैं प्रमुख पर्यटन स्थल
स्नो लाइन से नीचे जिला कांगड़ा के प्रमुख पर्यटन स्थलों में धर्मशाला उपमंडल में त्रियुंड, बैजनाथ उपमंडल में बिलिंग, शाहपुर उपमंडल में करेरी लेक हैं। लेकिन ज्यादातर पर्यटकों की त्रियुंड व बिलिंग पहली पसंद है। हालांकि पर्यटक अब करेरी का भी रुख करने लगे हैं।
उपायुक्त डा. निपुण जिंदल ने यह कहा
तीन हजार मीटर की ऊंचाई से ऊपर के क्षेत्र में ट्रैकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पर्यटक ट्रैकिंग के दौरान पर्वतीय दर्रों में चले जाते हैं, जिस कारण कई बार दुर्घटना हो जाती है। किन्नौर व लाहुल स्पीति में ट्रैकर्स के साथ हुए हादसों के कारण एहतियात के तौर पर जिला में बंदिशें लगा दी गई हैं। यदि कोई तीन हजार मीटर की ऊंचाई से ऊपर के क्षेत्र में ट्रैकिंग के दौरान पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कारवाई की जाएगी।
इंद्रहार पास व हिमानी चामुंडा में नहीं जा पाएंगे ट्रैकर
ट्रैकर्स इंद्रहार पास, थमसर पास व हिमानी चामुंडा का दीदार नहीं कर पाएंगे। स्नो लाइन इंद्रहार पास की ऊंचाई 3350 मीटर है, जबकि हिमानी चामुंडा की ऊंचाई 3185 मीटर है। तीन हजार से अधिक की ऊंचाई पर जाने को प्रतिबंधित किया है।
त्रियुंड, करेरी लेक व बिलिंग की कर सकेंगे सैर
त्रियुंड, करेरी लेक व बिलिंग में ट्रैकिंग का लुत्फ अवश्य ट्रैकर्स ले पाएंगे। त्रियुंड की ऊंचाई 2850 मीटर है जबकि बैजनाथ उपमंडल की बिलिंग घाटी 2400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। वहीं शाहपुर उपमंडल के तहत आते करेरी लेक की ऊंचाई 2934 मीटर के करीब है। तीन हजार मीटर की ऊंचाई से ऊपर के क्षेत्र में ट्रैकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
